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NDTV को ‘GoodTimes’ चैनल के अधिग्रहण में लगेगा थोड़ा और समय

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नई दिल्ली, 22 जून 2026:

देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में से एक, न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) अपने लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। एनडीटीवी ने जानकारी दी है कि ‘गुडटाइम्स’ (GoodTimes) चैनल के बिजनेस अंडरटेकिंग को लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) से खरीदने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कंपनी के मुताबिक, सभी आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने और तय शर्तों के पूरा होते ही इस सौदे को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • अंतिम चरण में डील: पिछले कई महीनों के इंतजार के बाद अब अगले एक महीने के भीतर इस अधिग्रहण प्रक्रिया के पूरा होने की प्रबल संभावना है।
  • अनुमानित डील वैल्यू: हालांकि आधिकारिक तौर पर वित्तीय आंकड़ों का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह सौदा करीब 18 करोड़ रुपये का हो सकता है।
  • स्लंप सेल मॉडल: यह अधिग्रहण ‘बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट’ (BTA) के तहत एक चलती हुई व्यावसायिक इकाई (Going Concern) के रूप में किया जा रहा है।
  • रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन: LMBL, एनडीटीवी की ही एक जॉइंट वेंचर कंपनी है, जिसके कारण यह सौदा रिलेटेड पार्टी की श्रेणी में आता है, लेकिन इसे पूरी तरह ‘आर्म्स लेंथ’ आधार पर किया जा रहा है।
  • कैसा होगा भुगतान और क्या है ‘स्लंप सेल’?

    ​बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस सौदे के लिए भुगतान केवल कैश (नकद राशि) के रूप में नहीं होगा, बल्कि इसमें टीवी विज्ञापन इन्वेंट्री (TV Advertising Inventory) को भी शामिल किया जा सकता है।

    ​चूंकि यह सौदा ‘स्लंप सेल’ के माध्यम से हो रहा है, इसलिए एनडीटीवी इस चैनल की सभी संपत्तियों, देनदारियों और चल रहे बिजनेस को एकमुश्त खरीदेगा। दोनों पक्षों के बीच इसके लिए ‘टर्म शीट’ पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं और वर्तमान में आगे की कानूनी व कागजी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

    ‘गुडटाइम्स’ का इतिहास और एनडीटीवी की रणनीति

    ​’गुडटाइम्स’ भारत का एक बेहद लोकप्रिय और पुराना लाइफस्टाइल चैनल है, जिसका इतिहास एनडीटीवी से ही जुड़ा हुआ है:

      • 2007: एनडीटीवी ने फैशन, फूड, ट्रैवल और लग्जरी कंटेंट के फोकस के साथ इस चैनल की शुरुआत की थी।
      • 2011: एनडीटीवी ने अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर इसे एक जॉइंट वेंचर (JV) मॉडल का रूप दिया।
      • 2018: यह चैनल पूरी तरह लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) के नियंत्रण में चला गया।

    कंपनी का दृष्टिकोण: एनडीटीवी प्रबंधन का मानना है कि ‘गुडटाइम्स’ को दोबारा अपने मुख्य पोर्टफोलियो में शामिल करने से कंपनी की लाइफस्टाइल ब्रॉडकास्टिंग सेगमेंट में स्थिति बेहद मजबूत होगी। यह कदम इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में एनडीटीवी के भविष्य के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होगा।

    ​अब कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सभी नियामकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, अगले कुछ हफ्तों में यह बहुप्रतीक्षित डील कब आधिकारिक रूप से क्लोज होती है।

लंबा खिंचा सौदे का सफर: सितंबर 2025 से जून 2026 तक की टाइमलाइन

​इस अधिग्रहण की कहानी सितंबर 2025 में शुरू हुई थी, जब एनडीटीवी ने पहली बार ‘गुडटाइम्स’ को खरीदने की घोषणा की थी। तब से लेकर अब तक इस सौदे की समयसीमा कई बार बढ़ी है:

तारीख/महीना

कंपनी द्वारा दिया गया अपडेट और समयसीमा

सितंबर 2025

पहली बार अधिग्रहण की घोषणा; करीब 3 महीने में डील पूरी होने का अनुमान लगाया गया।

दिसंबर 2025

प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई और 3 महीने का अतिरिक्त समय मांगा गया।

मार्च 2026

सौदे को पूरा करने के लिए एक बार फिर अतिरिक्त 3 महीने का समय बढ़ाया गया।

18 जून 2026

ताजा अपडेट में कंपनी ने कहा कि डील अंतिम चरण में है और अगले 1 महीने में पूरी हो जाएगी।

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Author: media4samachar

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