नोएडा से संचालित Tv 27 न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ वरिष्ठ पत्रकार आलोक द्विवेदी जी के जन्मदिन पर Media4samachar की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं बधाई
बता दें कि आलोक द्विवेदी इससे पहले दो दशक से ज्यादा समय से ‘सहारा मीडिया नेटवर्क’ (Sahara Media Network) से जुड़े हुए थे। अपने इस सफर के दौरान वह यहां विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके है। वर्ष 2004 में चैनल की लॉन्चिंग से पहले वह इस समूह के अखबार में कार्यरत थे।
मूल रूप से यूपी के जनपद फतेहपुर की बिंदकी तहसील निवासी आलोक ने कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक व विधि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद भारतीय विद्या भवन पत्रकारिता संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
शुरुआत में वह कानपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र ‘आज’ व ‘स्वतंत्र भारत’ से जुड़े थे। फिर कुछ समय स्वतंत्र पत्रकारिता करने के बाद 1997 में राष्ट्रीय सहारा कानपुर में बतौर संवाददाता जुड़े। इसके बाद उन्होंने टीवी पत्रकारिता में पदार्पण किया और सहारा समय नोएडा के ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली।
आलोक मई 2011 में ग्रेटर नोएडा के चर्चित भट्टा पारसौल भूमि अधिग्रहण में किसानों व प्रशासन के बीच हिंसक संघर्ष के मध्य बेहद संजीदगी से रिपोर्टिंग कर राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने में कामयाब रहे।
वर्ष 2008 में देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि हत्याकांड की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग कर करीब ढाई महीने तक लगातार इस मामले की विशेष पड़ताल की। उन्होंने निठारी कांड की सच्चाई को बयां करती डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द कर्मा किलिंग’ में मुख्य किरदार की भूमिका भी अदा की, जिसे नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है।
देश को हिलाकर रख देने वाले 2002 के गुजरात के दंगों को कवर करने वाले हिंदी बेल्ट की नेशनल मीडिया के चुनिंदा पत्रकारों में आलोक द्विवेदी का नाम शुमार है। उस समय राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित खबरों के अधार पर तत्कालीन संसद सत्र में बहस में इनकी रिपोर्ट शामिल की गई थी।
पत्रकार व लेखक अजीज बर्नी की गुजरात दंगों पर लिखी पुस्तक ‘दास्तान ए हिंद’ में आलोक की कई खबरों को प्रमुखता से स्थान मिला था, बताते चलें कि सहारा समय नेशनल में नेशनल ब्यूरो चीफ व पॉलिटिकल एडिटर रहे और उसके बाद एनसीआर चैनल के हेड रहे





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