नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान ‘टाइम्स नेटवर्क’ के पत्रकारों पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। मीडिया नेटवर्क ने अपने तीन पत्रकारों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, टाइम्स नेटवर्क के तीन रिपोर्टर—देव कोटक, शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा—नई दिल्ली में ‘सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) के प्रदर्शन स्थल से अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने उन्हें निशाना बनाया।
रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को न केवल काम करने से रोका गया, बल्कि उनके साथ शारीरिक हिंसा भी की गई। विशेष रूप से महिला पत्रकारों—शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा—को अभद्र भाषा, धमकियों और हाथापाई का सामना करना पड़ा।
“हिंसा लोकतंत्र के हित में नहीं”: टाइम्स नेटवर्क
घटना के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में टाइम्स नेटवर्क ने कहा कि जमीनी स्तर पर जाकर रिपोर्टिंग करना केवल पत्रकारों का कर्तव्य ही नहीं है, बल्कि संविधान द्वारा दी गई ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ का अधिकार भी है।
बयान के मुख्य अंश:
“विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है और लोकतंत्र में असहमति का स्थान है, लेकिन इसके लिए हिंसा का रास्ता चुनना या कानून को हाथ में लेना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस तरह की घटनाएं देशभर में स्वतंत्र पत्रकारिता के माहौल और पत्रकारों की सुरक्षा पर नकारात्मक असर डालती हैं।”
महिला पत्रकारों पर हमले को बताया गंभीर
नेटवर्क ने अपने बयान में ड्यूटी पर तैनात महिला पत्रकारों के साथ हुई हिंसा और अभद्रता पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। नेटवर्क का कहना है कि अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारी निभा रही महिला पत्रकारों को इस तरह डराना-धमकाना एक बेहद गंभीर और निंदनीय अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
“डराने की कोशिशें होंगी नाकाम, जारी रहेगी निष्पक्ष पत्रकारिता”
टाइम्स नेटवर्क ने स्पष्ट किया कि उसके पत्रकार हर दिन अपनी सुरक्षा को जोखिम में डालकर निष्पक्ष और सटीक जानकारी जनता तक पहुंचाते हैं। डराने, धमकाने या हिंसा करने की कोशिशें उनके पत्रकारों के हौसले को पस्त नहीं कर सकतीं।
बयान के अंत में नेटवर्क ने दोहराया कि इस तरह की कायरना हरकतें उनके पत्रकारों का मनोबल तोड़ने के बजाय, निष्पक्ष, स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करेंगी।





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