नोएडा (मीडिया डेस्क): राष्ट्रीय समाचार चैनल ‘भारत 24’ के पूर्व डिजिटल एग्जीक्यूटिव कृष्णा राजभर ने चैनल प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है। कृष्णा राजभर का दावा है कि उन्हें एक साजिश के तहत संस्थान से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उन्होंने डिजिटल विभाग के HOD शशिकेश रंजन और HR विभाग के परमेश्वर सिंह पर सीधे तौर पर मिलीभगत और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
नोटिस पीरियड खत्म होने से पहले ही आने से रोका!
कृष्णा राजभर के अनुसार, उनका नोटिस पीरियड अभी समाप्त भी नहीं हुआ था कि उससे लगभग 10 दिन पहले ही उन्हें कथित रूप से धमकी देकर कार्यालय आने से मना कर दिया गया। कृष्णा का कहना है कि उन्होंने इस अनुचित कार्रवाई के खिलाफ HR विभाग को कई बार ईमेल भेजे, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। पूर्व कर्मचारी का दावा है कि उनके पास इन सभी पत्राचारों और ईमेल के पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद हैं।
मानसिक प्रताड़ना और दबाव में NOC साइन कराने का आरोप
आरोपों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कृष्णा राजभर ने कहा कि उन्हें पिछले तीन महीनों से लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। इतना ही नहीं, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (F&F) की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन पर कथित तौर पर दबाव बनाकर और धमकियां देकर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने इन सभी दावों के समर्थन में उनके पास पर्याप्त वीडियो और दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं।

डॉ. जगदीश चंद्र से लगाई गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृष्णा राजभर ने भारत 24 के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. जगदीश चंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपी अधिकारी खुद को निर्दोष मानते हैं, तो उन्हें भी सार्वजनिक रूप से अपने पक्ष में सबूत पेश करने चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।





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