जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों के मुताबिक, 30 जून 2026 को खत्म तिमाही में कंपनी को 743 मिलियन डॉलर नहीं, बल्कि 743 मिलियन रुपये यानी करीब 74.3 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,437 मिलियन रुपये यानी करीब 143.7 करोड़ रुपये था।
कंपनी की ओर से 10 अगस्त को शेयर मार्केट को दी गई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड बैठक में 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। बोर्ड की बैठक 10 अगस्त को हुई थी।
करीब 1,939 करोड़ रुपये रही कुल आय
कंपनी की कंसोलिडेटेड कुल आय पहली तिमाही में 19,385 मिलियन रुपये यानी करीब 1,938.5 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 18,498 मिलियन रुपये यानी करीब 1,849.8 करोड़ रुपये थी। यानी कुल आय में सालाना आधार पर करीब 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इस दौरान कंपनी की विज्ञापन से आय 671.4 करोड़ रुपये रही, जबकि सब्सक्रिप्शन से कंपनी को करीब 1,136.9 करोड़ रुपये की आय हुई। अन्य बिक्री और सेवाओं से करीब 99 करोड़ रुपये और अन्य आय से करीब 31.2 करोड़ रुपये मिले।
कंपनी के कुल खर्च की बात करें तो यह पहली तिमाही में करीब 1,864.4 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कुल खर्च करीब 1,652.7 करोड़ रुपये था।
टैक्स के बाद 74.3 करोड़ रुपये का मुनाफा
कंपनी का पहली तिमाही में टैक्स से पहले मुनाफा करीब 74.1 करोड़ रुपये रहा। टैक्स के बाद कंपनी का शुद्ध मुनाफा 74.3 करोड़ रुपये रहा। वहीं पिछले साल की समान तिमाही में शुद्ध मुनाफा करीब 143.7 करोड़ रुपये था।
कंपनी के मुताबिक, तिमाही के दौरान शेयरधारकों के हिस्से में आने वाला मुनाफा करीब 76.3 करोड़ रुपये रहा।
JioStar के साथ विवाद में 1.097 अरब डॉलर का दावा
नतीजों के साथ कंपनी ने JioStar के साथ चल रहे ICC ब्रॉडकास्टिंग राइट्स से जुड़े विवाद की भी जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, JioStar ने इस मामले में अपने नुकसान के दावे को बढ़ाकर 1.097 अरब अमेरिकी डॉलर कर दिया है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें और जवाब दाखिल कर चुके हैं और ट्रिब्यूनल के सामने अंतिम साक्ष्य संबंधी सुनवाई (Evidentiary Hearing) भी पूरी हो चुकी है। अब दोनों पक्षों को सुनवाई के बाद की लिखित दलीलें (Post-Hearing Briefs) दाखिल करनी हैं।
कंपनी का कहना है कि उसे कानूनी सलाह और अपने आकलन के आधार पर भरोसा है कि वह Alliance Agreement के तहत डिफॉल्ट में नहीं है और JioStar के दावे उसके मुताबिक कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं।
SEBI के आदेश के खिलाफ SAT पहुंची कंपनी
जी एंटरटनमेंट ने यह भी बताया है कि SEBI ने 31 जुलाई 2026 को एक आदेश पारित किया था, जिसमें कंपनी पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे दो महीने तक सिक्योरिटीज मार्केट में पहुंच/डीलिंग से रोकने की बात कही गई। कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ Securities Appellate Tribunal (SAT) में अपील दाखिल की है और आदेश पर रोक लगाने की मांग भी की है।
कंपनी ने कहा है कि उसे अपने मामले के मेरिट पर मजबूत भरोसा है। साथ ही, प्रबंधन का आकलन है कि इन मामलों का कंपनी या ग्रुप के वित्तीय नतीजों पर कोई बड़ा प्रतिकूल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
3,143.5 करोड़ रुपये के वारंट को मंजूरी
कंपनी ने इससे पहले 1 जुलाई 2026 को प्रमोटर ग्रुप की एक इकाई को 24.94 करोड़ तक पूरी तरह कन्वर्टिबल वारंट जारी करने को मंजूरी दी थी। इन वारंट की इश्यू प्राइस 126 रुपये प्रति वारंट रखी गई है और इससे कंपनी को कुल करीब 3,143.5 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। शेयरधारकों ने 31 जुलाई 2026 की Extraordinary General Meeting में इस वारंट इश्यू को मंजूरी दे दी थी।
इसके साथ ही कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ESOP के तहत करीब 3.74 करोड़ स्टॉक ऑप्शंस देने की योजना को भी मंजूरी दी है।
वार्षिक आम बैठक 17 सितंबर को
बोर्ड ने कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित करने को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर और इंटरनल ऑडिटर की दोबारा नियुक्ति तथा चार स्वतंत्र निदेशकों के दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी है, जिनमें दीपू बंसल, उत्तम प्रकाश अग्रवाल, डॉ. वेंकटा रमणा मूर्ति पिनिसेट्टी और शिशिर बाबूभाई देसाई शामिल हैं। इन नियुक्तियों के लिए आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
कुल मिलाकर, Zee Entertainment की पहली तिमाही में आय में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले मुनाफा कम हुआ है। वहीं कंपनी के सामने JioStar विवाद और SEBI के आदेश जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। दूसरी ओर, प्रमोटर ग्रुप को वारंट जारी करने और ESOP के जरिए कंपनी ने फंड जुटाने और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।





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