कानपुर। विवादों में घिरे वकील और खुद को पत्रकार बताने वाले कानपुर से संचालित एबीसी सैटेलाइट न्यूज चैनल के मालिक अखिलेश दुबे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अश्वनी जैन ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे और उसके गैंग ने उनसे लगातार रंगदारी मांगी और फर्जी मुकदमों में फंसाने का खेल खेला।
अश्वनी जैन ने बताया कि वर्ष 2020 से ही उन पर पैसों की मांग की जा रही थी। जनवरी 2021 से अखिलेश दुबे गैंग ने उन्हें लगातार परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं, मुझे दो मुकदमे भी गिफ्ट किए गए। पहला 26 जनवरी 2021 को और दूसरा 11 मई 2021 को।”
जैन का आरोप है कि दूसरे मामले में उनकी पनकी स्थित सिलेंडर की दुकान को भी निशाना बनाया गया। यह दुकान वर्ष 2013 से रजिस्टर्ड है और आज भी GST के तहत चल रही है। बावजूद इसके महामारी एक्ट में फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया। हालांकि बाद में योगी सरकार ने ऐसे सभी मुकदमे एक्सपंज कर दिए।
अश्वनी जैन ने बताया कि उन्हें थाने से ही निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा, “अखिलेश दुबे का गैंग बहुत सक्रिय है। इन लोगों ने मेरे खिलाफ कई फर्जी मुकदमे लिखवाए लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि मैं गलत नहीं था। आज भी ये लोग इधर-उधर एप्लीकेशन दिलवाकर परेशानी खड़ी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन मैं थकूंगा नहीं, हारूंगा नहीं।”
जैन ने एसआईटी के सामने बयान देकर यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे ने उनसे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर उन्हें बार-बार धमकाया गया और फर्जी मुकदमों से डराने की कोशिश की गई। अश्वनी कहते हैं- बाकी सभी बात एप्लिकेशन में हैं। अमित भाटिया अखिलेश दुबे का ही गुर्गा है रोहित अवस्थी का दोस्त है रोहित अवस्थी और भूपेश अवस्थी के कार्यालय पर मुझे बुलाया गया था वहां पर मुझे धमकाया गया। पर मैं अपनी बात से डिगा नहीं उनकी बात नहीं सुनी तभी गिफ्ट मिलते गए मुझे मुकदमे के रूप में।
इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। बुधवार को अश्वनी जैन का बयान दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि अब एसआईटी जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती है। अखिलेश दुबे पर इससे पहले भी कई कारोबारियों और नेताओं ने धन उगाही, दबाव और फर्जी मुकदमे लिखवाने जैसे आरोप लगाए हैं। चैनल मालिक अश्वनी जैन का यह खुलासा दुबे और उनके नेटवर्क पर कानून का शिकंजा कसने की दिशा में बड़ा सबूत माना जा रहा है।
भाजपा नेता और होटल कारोबारी रवि सतीजा पर झूठे आरोप लगाने वाली तथाकथित ‘विषकन्याओं’ का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। सरकारी गवाह बनी पहली युवती के बाद अब दूसरी विषकन्या प्रियंका भी पुलिस की शरण में पहुंच गई है। प्रियंका मूल रूप से बहराइच की रहने वाली है और पहले साकेत दरबार के शागिर्द के घर नौकरानी का काम करती थी।
प्रियंका ने खुलासा किया कि दरबार के इशारे पर उसे मोटी रकम का लालच देकर झूठे आरोप लगाने के लिए तैयार कराया गया। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे एक पैसा भी नहीं मिला। पैसे की मांग करने पर डराया-धमकाया गया और चुप रहने के लिए मजबूर किया गया।
प्रियंका ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2020 से वह टायर कारोबारी अखिलेश शुक्ला के घर काम करती थी। इस दौरान अखिलेश दुबे और शुक्ला के दबाव में आकर उसने 2021 में होटल कारोबारी सुरेश पाल पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया। प्रियंका का कहना है कि उसे रकम देने का वादा किया गया था, लेकिन न पैसे मिले, न सुरक्षा। उल्टा नौकरी से निकालने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई।
प्रियंका के मुताबिक, अखिलेश दुबे की गिरफ्तारी के बाद साकेत दरबार से जुड़े लोग उसे चर्चा में आने से बचाने के लिए बहराइच भेज दिया। लेकिन जैसे ही मीडिया में दुबे के कारनामों का खुलासा हुआ, प्रियंका ने खुद को बचाने और सच सामने लाने के लिए पुलिस के सामने सरेंडर करने का फैसला किया। उसने कहा कि सुरेश पाल को वह जानती तक नहीं थी और दबाव में आकर झूठे आरोप लगाए।
अब प्रियंका के खुलासे के बाद इस पूरे मामले में नए तथ्य सामने आ गए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




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