लखनऊ। सहारा समूह पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोमतीनगर की प्राइम लोकेशन पर कब्जा जमाई 130 एकड़ जमीन वापस ले ली। निगम ने न सिर्फ जमीन कब्जे में ली, बल्कि वहां अपना बोर्ड भी ठोंक दिया है। लेकिन अब लखनऊ के संपत्ति संभवता अडानी चच्चाके पास जा रही है, तो वे सब सकेल लेंगे। ऐसी उम्मीद है।
दरअसल, सहारा ने 1994 में इस जमीन पर आवासीय कॉलोनियां विकसित करने के नाम पर लाइसेंस लिया था, लेकिन 30 साल बीत जाने के बावजूद कोई प्रोजेक्ट खड़ा नहीं किया। नियमों को धता बताते हुए जमीन पर कब्जा बनाए रखा।
नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि 2024 में ही इस जमीन की लीज खत्म हो गई थी, मगर सहारा की तरफ से लगातार नियमों का उल्लंघन किया जाता रहा। नगर निगम ने पहले ही 40 एकड़ जमीन पर कार्रवाई कर ली थी और अब पूरे 130 एकड़ को अपने अधिकार में ले लिया है।
साफ है, सहारा समूह के तमाम वादे खोखले साबित हुए और आखिरकार नगर निगम को कठोर कदम उठाना पड़ा। सवाल ये है कि इतने सालों तक सहारा समूह ने जनता और सिस्टम को गुमराह कर आखिर किसके संरक्षण में यह कब्जेदारी की?
इसके अलावा जानकारों की बातों पर गौर करें तो इस बात का खुलाा़सा पहले ही हो चुका था। Media4samachar में सबसे पहले इस डील की खबर छपी थी।





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