औरैया/इटावा। खुद को पत्रकार बताकर अधिकारियों, नेताओं और व्यापारियों से स्ट्रिंग के जरिये ब्लैकमेलिंग और उगाही करने वाले एक तथाकथित पत्रकार का खेल आखिरकार खत्म हो गया। औरैया पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी नितिन शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई एक प्रधानपति से रंगदारी मांगने के मामले में की गई है।
गैंग सरगना का नाम हटाने का बनाया दबाव
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के क्योंटरा गांव का है। गांव के प्रधानपति अखिलेश पांडेय ने पुलिस को बताया कि अगस्त माह में उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय 8055 गैंग के सरगना और साथियों पर हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में गैंग के सरगना मयंक दुबे व उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसी बीच खुद को एक प्रतिष्ठित चैनल का पत्रकार बताने वाला नितिन शुक्ला पुत्र अवधेश शुक्ला, निवासी पुरानी कलेक्ट्रेट, औरैया, प्रधानपति पर दबाव बनाने लगा कि मुकदमे से गैंग के सरगना का नाम वापस ले लिया जाए।
अखिलेश पांडेय के मुताबिक, नितिन शुक्ला ने झूठे मुकदमे में फंसाने और मीडिया में झूठी खबरें चलवाने की धमकी दी। दबाव न मानने पर आरोपी ने उनसे 15 हजार रुपये नकद वसूले और कुछ दिन बाद दो अज्ञात साथियों के साथ फिर से उसी रकम की दोबारा मांग की। भयभीत प्रधानपति ने अंततः तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की और आरोपी नितिन शुक्ला को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। इस संबंध में औरैया पुलिस ने आधिकारिक प्रेस नोट भी जारी किया है।
मोबाइल से बरामद हुए सैकड़ों ‘स्टिंग वीडियो’
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नितिन शुक्ला के मोबाइल फोन की जांच में 100 से अधिक अधिकारियों, नेताओं, व्यापारियों और अन्य लोगों के वीडियो मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि आरोपी इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और उगाही के लिए करता था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब मोबाइल से मिले वीडियो और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा किन-किन लोगों से उसने वसूली की है।





Users Today : 126
Users Yesterday : 139