देहरादून। उत्तराखंड में एक न्यूज चैनल को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी विज्ञापनों की सूची बताती है कि वर्ष 2019-20 में इस चैनल को एक रुपए का भी विज्ञापन नहीं मिला, लेकिन अगले ही सालों में इस चैनल की किस्मत ऐसी चमकी कि महज़ पाँच वर्षों में 13.59 करोड़ रुपये के सरकारी विज्ञापन दे दिए गए।
सूत्रों के अनुसार, इस चैनल का नाम Network 10 है। दिलचस्प बात यह है कि विज्ञापन बढ़ोतरी का सिलसिला तब शुरू हुआ जब चैनल की कमान पिता-पुत्र की जोड़ी के हाथों में पहुँची। बताया जाता है कि पिता राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे हैं।
सबसे ज़्यादा विज्ञापन राशि वित्तीय वर्ष 2020-21 में दी गई — करीब 7 करोड़ रुपये। इस दौरान चैनल को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों से बड़े पैमाने पर प्रमोशनल कैंपेन और सरकारी योजनाओं के विज्ञापन दिए गए।
विपक्ष ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए इसे “राजनैतिक सरंक्षण और मीडिया प्रबंधन का उदाहरण” बताया है, वहीं सूचना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी विज्ञापन “नियमों के अनुसार” दिए गए।
Network 10 और के.एस. पवार पिता-पुत्र की जोड़ी अब सुर्खियों में है। सवाल उठ रहा है — क्या ये महज़ इत्तेफाक़ था, या फिर सत्ता की गलियों से मिला वरदहस्त?




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