ज्ञानेन्द्र शुक्ला-वरिष्ठ पत्रकार (लखनऊ)
अभी किसी पत्रकार साथी ने खबर भेजा है। ये उन्नाव के Gaurav Sharma नामक शख्स ने लिखी है। इसमें वरिष्ठ पत्रकार Manish Yadav को लांछित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। इसे देखकर मुझे वेदना का भी अनुभव हुआ तो आक्रोश भी उपजा है। क्योंकि लखनऊ की पत्रकारिता में जो सर्वाधिक सुलझे हुए-संवेदनशील-रचनाशील चेहरे हैं उनमें मनीष शामिल हैं।
किसी दुराग्रह-दुरभिसंधि-दुर्व्यवहार का हिस्सा मनीष हो ही नहीं सकते इसका मुझे ही नहीं कई वरिष्ठ साथियों को पूर्ण विश्वास है। सार्वजनिक तौर से सक्रिय होने-चुनाव लड़ने-सामाजिक-शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी करने की वजह से मैं स्वयं को उतना विशुद्ध पत्रकार नहीं कहूँगा जितना खांटी पत्रकार मनीष को मानूंगा। एकपक्षीय-पूर्वाग्रह से ग्रसित आरोपों का कड़ा विरोध करता हूँ।
उक्त गौरव जी ने लिखा है कि ‘सिर्फ’ ग्रुप के लिए ईमानदारी से काम कर रहे थे पर उनके बायोडाटा में ही अन्य चैनल से संबद्धता का प्रमाण दिख रहा है (हालांकि जिला स्तर पर कई चैनलों से जुड़ाव सामान्य बात है) पर सिर्फ टाइम्स नाऊ के लिए काम करने की अपनी बात का स्वतः खंडन उनकी प्रोफ़ाइल से हो जाता है। बहरहाल , चूँकि सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए एक सज्जन-सरल शख़्सियत पर प्रहार की अनर्गल चेष्टा की गई, उनकी निर्मल छवि धूमिल करने की कुचेष्टा की गई इसलिए सार्वजनिक तौर से इस पोस्ट को लिखकर अपनी बात कह रहा हूँ, आवश्यक होने पर लगाए गए आरोपों पर बिंदुवार तर्कसंगत बहस के लिए भी प्रस्तुत हूँ।






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