कानपुर। भाजपा नेता रवि सतीजा को छेड़छाड़ के फर्जी केस में फंसाने और रंगदारी मांगने के आरोपों में जेल भेजे गए न्यूज़ चैनल मालिक और अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भले ही 37 शिकायतों में राहत मिल चुकी है, लेकिन छह मामले अब भी उनकी मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इन मामलों में वीडियो रिकॉर्डिंग, सीडीआर और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी ने संबंधित शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
ये सभी शिकायतें तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के कार्यकाल में ‘ऑपरेशन महाकाल’ के दौरान सामने आई थीं। इनमें से चार मामलों में अखिलेश दुबे का नाम सीधे नहीं है, लेकिन उनके साथियों के शामिल होने के आरोपों की पड़ताल जारी है।
युवती के पलटे बयान, फिर भी लगी चार्जशीट — 8 लाख की डील का आरोप
गोविंदनगर निवासी कारोबारी सागर मल्होत्रा की शिकायत की एसआईटी जांच कर रही है। आरोप है कि एक युवती ने उन पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर एफआईआर कराई थी, लेकिन कोर्ट में दिए गए बयान में वह स्वयं ही आरोपों से मुकर गई। इसके बावजूद तत्कालीन थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने चार्जशीट लगा दी।
अधिवक्ता को वाट्सऐप कॉल पर धमकी
अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा से जुड़े अधिवक्ता मनोज सिंह ने आरोप लगाया है कि 24 अप्रैल 2025 को कोर्ट से लौटते समय उन्हें अखिलेश दुबे के नजदीकी टोनू यादव ने वाट्सऐप कॉल पर एक प्लॉट विवाद को लेकर धमकाया। मनोज सिंह का कहना है कि धमकी दुबे के कहने पर दी गई थी।
पुलिस ने अखिलेश दुबे और टोनू यादव के बीच हुई कॉल डिटेल निकाल ली है। एसआईटी दोनों के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाल रही है।
गोविंदनगर के कारोबारी जसबीर सिंह भाटिया ने आरोप लगाया था कि दुकान के सौदे को लेकर हुए विवाद में अखिलेश दुबे ने उन्हें धमकाया और उनकी पगड़ी उतरवाकर बेइज्जत किया। जसबीर का कहना है कि उन्होंने शुभम गुलाटी से 11.65 लाख रुपये में दुकान का सौदा किया था। कोरोना काल में उन्होंने 8.95 लाख रुपये दे दिए, लेकिन बाकी रकम देने पहुंचे तो शुभम ने दुकान किसी और को बेचने की बात कही।
यह पूरा सौदा एक साधारण पर्ची पर लिखा गया था। जसबीर के विरोध करने पर कथित रूप से अखिलेश दुबे ने हस्तक्षेप किया और धमकी दी। पुलिस कमिश्नर ने इस लेनदेन के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया, जो बिकरू कांड के पैरवीकार हैं, ने आरोप लगाया कि उनकी पैरवी रोकने के लिए उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने की साजिश अखिलेश दुबे के घर रची गई। उनका आरोप है कि बिकरू कांड के आरोपी जय बाजपेई के भाई रजयकांत बाजपेई ने अपनी नौकरानी से उन पर छेड़छाड़ की शिकायत कराई। एसआईटी को नौकरानी और रजयकांत के बीच लंबी बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके आधार पर और जांच की जा रही है।
चार और शिकायतों में जांच जारी
मनोज मिश्रा ने आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे के कुछ साथी खाली जमीन को फ्लैट बताकर बेच रहे थे। उनसे नया प्रार्थना पत्र लेकर अखिलेश दुबे के विरुद्ध भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
गौरव त्रिपाठी ने धमकी और कब्जे की शिकायत दी है।
महेश बाबू (निरालानगर) ने कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी पर सरकारी जमीन बेचने और अखिलेश दुबे से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
पूर्व पार्षद राजीव सेतिया (श्यामनगर) ने रंगदारी एवं फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है।





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