लल्लनटॉप से खबर है कि यहां तीन और लोगों ने अपने इस्तीफ़े सौंप दिए हैं. इन सबको मिला दें तो पिछले एक साल में 63 लोग लल्लनटॉप से इस्तीफा दे चुके हैं. इसके बाद ये क़यास लगने लगा है कि अब देर सबेर ये यू ट्यूब चैनल बंद होने वाला है. या फिर इंडिया टुडे समूह प्रबंधन जल्दी ही कोई अपना आदमी ऊपर बैठा देगा.
जिन तीनों लोगों ने रिजाइन किया है उनके नाम हरीश साहू, सौरभ त्रिवेदी और आकाश सिंह हैं.
रायबरेली के रहने वाले सौरभ त्रिवेदी ने पिछले कई साल में डेस्क पर रहते हुए एक से बढ़कर रिसर्च किये और लेकिन जब पैसा बढ़ाने की बारी आई तो सौरभ को ठेंगा मिला. बंदा एक्सीडेंट के बाद भी काम करता रहा लेकिन उसने इस्तीफा दे दिया और जाते समय बोलकर गया कि मैं इसलिए जा रहा हूँ कि यहां पक्षपात होता है. काम देखकर नहीं मुँह देखकर पैसा बढ़ाया जाता है.
आकाश सिंह ने रात रात भर जाग कर काम किया और जिस रिसर्च को पढ़कर कुलदीप मिश्रा जैसे नाकाबिल लोग “आसान भाषा “ शो को एंकर कर अपना चेहरा चमकाते रहे लेकिन एक दिन की छुट्टी लेने पर कैमरामैन से सीधे डिप्टी एडीटर बनाए गए रजत सेन ने आकाश की बेइज्जती की इससे आहत होकर आकाश ने इस्तीफा देना बेहतर समझा.
अब तो लल्लनटॉप का हाल ये हो चुका है कि हर महीने जैसे ही लोगों के खाते में सैलरी आती है शाम होते-होते कई लोगों के इस्तीफे देने की ख़बर आ जाती है. अभी कई लोग हैं जो मौके की तलाश में हैं. यहां से जाने वाले भी अपने परिचितों से कह रहे हैं कि भूलकर भी लल्लनटॉप मत ज्वाइन करना क्योंकि यहां काम की कोई वैल्यू नहीं हैं.





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