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ग्लोबल टीवी के मैनेजमेंट पर एंकर नाजनीन मुन्नी को नौकरी से निकालने का दबाव

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ये मुन्नी है. नाज़नीन मुन्नी. बांग्लादेश की अंजना ओम कश्यप समझ लो. ग्लोबल टीवी की न्यूज हैड और स्टार एंकर. सात आठ लोग ग्लोबल टीवी के दफ्तर पहुंचे और बोले मुन्नी को नौकरी से निकालो. वरना आग लगा देंगे. आरोप है कि ये आवामी लीग की समर्थक है. अब सत्ता बदल गई है. हसीना के चक्कर में मुन्नी पिस रही है. चैनल वाले आधा दर्जन धमकी देने वालों से डर गए हैं और कह रहे हैं दफ्तर मत आना.

-गिरिजेश वशिष्ठ

 

बांग्लादेश में सत्ता बदलते ही मीडिया पर दबाव, स्टार एंकर नाज़नीन मुन्नी को हटाने की धमकी

ग्लोबल टीवी के दफ्तर को आग लगाने की चेतावनी, आवामी लीग समर्थक होने के आरोप में निशाने पर पत्रकार

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मीडिया और पत्रकारों पर बढ़ते राजनीतिक दबाव का एक और गंभीर मामला सामने आया है। ग्लोबल टीवी की न्यूज हेड और चर्चित एंकर नाज़नीन मुन्नी को खुलेआम धमकियां दी गई हैं और चैनल प्रबंधन पर उन्हें हटाने का दबाव बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हाल ही में सात से आठ लोग ग्लोबल टीवी के दफ्तर पहुंचे और प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर नाज़नीन मुन्नी को चैनल से नहीं निकाला गया तो दफ्तर में आग लगा दी जाएगी। इन लोगों का आरोप है कि नाज़नीन मुन्नी अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग की समर्थक हैं और सत्ता बदलने के बाद ऐसे चेहरों को मीडिया में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

बताया जा रहा है कि नाज़नीन मुन्नी लंबे समय से बांग्लादेशी टीवी पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम हैं और ग्लोबल टीवी में न्यूज हेड के साथ-साथ स्टार एंकर की भूमिका निभा रही हैं। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद उनका नाम उन पत्रकारों में गिना जाने लगा है जिन्हें पुराने शासन से नजदीकी के आरोप में निशाना बनाया जा रहा है।

मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि धमकियों के बाद चैनल प्रबंधन का रुख पूरी तरह रक्षात्मक नजर आया। खबरों के अनुसार, ग्लोबल टीवी ने फिलहाल नाज़नीन मुन्नी को दफ्तर न आने की सलाह दी है। इसे उनकी सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन मीडिया जगत में इसे दबाव के आगे झुकने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

नाज़नीन मुन्नी ने अपने करीबियों से बातचीत में यह आरोप खारिज किया है कि वह किसी राजनीतिक दल की एजेंट या समर्थक हैं। उनका कहना बताया जा रहा है कि वह एक पेशेवर पत्रकार हैं और अपने काम के कारण ही निशाने पर ली जा रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्ता बदलते ही मीडिया संस्थानों में डर का माहौल बनना और पत्रकारों को राजनीतिक पहचान के आधार पर बाहर करने की मांग, लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे के संकेत माने जा रहे हैं।

फिलहाल न तो ग्लोबल टीवी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान आया है और न ही सरकार की तरफ से इस धमकी के मामले में कोई सख्त कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। लेकिन यह मामला साफ दिखाता है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मीडिया के लिए हालात तेजी से मुश्किल होते जा रहे हैं।

 

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Author: media4samachar

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