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कुछ गलतियां बना सकती है थायरॉइड का मरीज,रखें इन बातों का ख्याल

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आज के समय में थायराइड की बीमारी तेजी से फैल रही है.. और लोग अब इसे आम बीमारी समझने लगे है.. लेकिन हमारे लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी, नींद की बढ़ती दिक्कतों ने थायराइड के खतरे को काफी बढ़ा दिया है.. लिहाजा, महिला-पुरुष, बच्चे-बुजुर्ग सभी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं.. इस बीमारी में वजन तो घटता ही है साथ ही हॉर्मोन भी गड़बड़ हो जाते हैं..

थायरॉइड होता क्या है ?

थायरॉइड असल में एक छोटी-सी ग्रंथि होती है, जो हमारी गर्दन के अंदर स्थित होती है.. भले ही ये छोटी सी ग्रंथि है लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है.. यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन (T3 और T4) का उत्पादन करती है, जो मेटाबॉलिज्म से लेकर शरीर के वजन, दिल की धड़कन, शरीर के तापमान और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करता है.. जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो थायरॉइड की समस्या उत्पन्न होती है,और खतरनाक भी हो जाती है..

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आज के भाग दौड़ वाली जिदगी में कुछ गड़बड़ आदतें ऐसी हैं जो आपको भी इस बीमारी का शिकार बना सकती हैं.. जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान रहना चाहिए..

क्या है थायरॉइड की समस्या, जानें ?

थायरॉइड की मुख्य रूप से दो प्रकार की समस्या होती है, एक हाइपोथायराइडिज्म और दूसरी हाइपरथायराइडिज्म..

सबसे पहले बात करते है हाइपोथायराइडिज्म की, जिसमें थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती.. हाइपोथायराइडिज्म में अचानक वजन बढ़ने, लगातार थकान, ठंड ज्यादा लगने, कब्ज, त्वचा के रूखा होने और बालों के झड़ने की दिक्कत होती है..
वहीं बात अगर हाइपरथायराइडिज्म की जाए को इसमें जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनने लगता है.. इसके कारण तेजी से वजन घटने, दिल की धड़कनों में अनियमितता, ज्यादा पसीना आने, घबराहट, नींद न आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं..

इस बीमारी का कारण क्या है ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी कुछ आदतें ऐसी होती है जो इस रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं.. जैसे असंतुलित आहार से खतरा बढ़ता है, गलत खानपान थायरॉइड बीमारी का प्रमख कारण है… आयोडीन, सेलेनियम, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्व थायरॉइड हार्मोन के निर्माण और उसके संतुलन के लिए बेहद जरूरी होते हैं… इस बीमारी से बचने के लिए प्रोसेस्ड एंव जंक फूड, ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें कम खाने की सलाह दी जाती है.. आयोडीन की कमी से हाइपोथायराइडिज्म का खतरा बढ़ता है, इसलिए नियमित रूप से संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी माना जाता है…

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ये भी बताते है कि अक्सर तनाव में रहने वाले लोगों में थायरॉइड बीमारी होने का खतरा भी ज्यादा रहता है.. दरअसल,तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो थायरॉइड हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकता है.. इसके अलावा तनाव के कारण नींद की कमी, अनियमित खानपान और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी होती हैं, जिससे भी आप इस रोग का शिकार हो सकते हैं..

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Author: media4samachar

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