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वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ का पैसा मार गया न्यूज़ इंडिया चैनल में कार्यरत फ्रॉडियल कंसल्टिंग एडिटर यूसुफ अंसारी

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यह मामला केवल आर्थिक लेनदेन का नहीं, बल्कि एक गहरे मानवीय विश्वासघात का है। लावण्या शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रजत अमरनाथ और न्यूज़ इंडिया के कंसल्टिंग एडिटर यूसुफ अंसारी के बीच जो कुछ भी हुआ, वह किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर सकता है।

​यहाँ इस पूरे प्रकरण का विस्तार से विवरण दिया गया है:
​1. आर्थिक पक्ष: कुल ₹35 लाख की धोखाधड़ी
​आरोपों के मुताबिक, यह कोई एक बार का कर्ज नहीं था, बल्कि किस्तों में लिया गया एक बड़ा निवेश था जो धीरे-धीरे ₹35 लाख की विशाल राशि में बदल गया।
​लेनदेन का तरीका: यूसुफ अंसारी ने समय-समय पर नकद और अन्य माध्यमों से रजत अमरनाथ से पैसे लिए।
​समय सीमा: यह सिलसिला मुख्य रूप से वर्ष 2018 तक चलता रहा।
​जमापूंजी का नुकसान: बताया गया है कि यह ₹35 लाख की राशि रजत अमरनाथ के जीवन भर की कमाई और उनके परिवार की पूरी जमापूंजी थी।
​2. भावनात्मक शोषण और बहानेबाजी
​यूसुफ अंसारी ने पैसे लेने के लिए कथित तौर पर पारिवारिक और धार्मिक भावनाओं का सहारा लिया। पैसे मांगने के लिए निम्नलिखित कारण बताए गए:
​अपनी माता जी को हज पर भेजने के नाम पर।
​अपने बच्चों की स्कूल/कॉलेज की फीस भरने के नाम पर।
​घर के रोजमर्रा के खर्चों और किसी पारिवारिक ऑपरेशन के बहाने।
​3. बीमारी के दौरान संवेदनहीनता (2020 का घटनाक्रम)
​सबसे दुखद मोड़ तब आया जब 2020 में रजत अमरनाथ को ब्रेन स्ट्रोक हुआ।
​मदद की गुहार: जब रजत जी अस्पताल में थे और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था, तब उनके बेटे ने यूसुफ अंसारी से अपने ही पैसे वापस मांगे।
​चंदा मांगने की सलाह: अपने पैसे लौटाने के बजाय, यूसुफ अंसारी ने अस्पताल में भर्ती रजत अमरनाथ की फोटो मांगी और कहा कि वह ‘चंदा’ इकट्ठा करवा देगा। यह एक ऐसे परिवार के लिए अत्यंत अपमानजनक था जिसने खुद लाखों की मदद की थी।
​4. साक्ष्य और सबूत
​लावण्या शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल मौखिक आरोप नहीं हैं। उनके पास इस विश्वासघात को साबित करने के लिए ठोस आधार हैं:
​व्हाट्सएप चैट: पिता और यूसुफ अंसारी के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट्स।
​भावुक संदेश: रजत अमरनाथ द्वारा अंतिम समय में अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए पैसे वापस मांगने के संदेश।
​बैंक डिटेल्स: लावण्या ने पैसे वापसी के लिए अपनी बैंक डिटेल्स भी साझा की थीं, लेकिन कोई भुगतान नहीं मिला।
​5. वर्तमान स्थिति
​रजत अमरनाथ के निधन को एक वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। परिवार का आरोप है कि:
​यूसुफ अंसारी ने आज तक एक फूटी कौड़ी वापस नहीं की है।
​पैसे तो दूर, उन्होंने परिवार के प्रति कोई संवेदना या सहानुभूति तक प्रकट नहीं की।
​इलाज के दौरान जब बिल बढ़ रहे थे, तब भी बार-बार की गुहार को अनसुना कर दिया गया।
​कानूनी और नैतिक निष्कर्ष
​यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) या अब लागू होने वाली भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी (Cheating) और आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) की श्रेणी में आ सकता है।
​नोट: यदि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो व्हाट्सएप चैट और गवाहों के बयान यूसुफ अंसारी के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत साबित होंगे।

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Author: media4samachar

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