लंदन: पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर ब्रिटेन की एक अदालत ने एक नज़ीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। बीबीसी (BBC) की वरिष्ठ खोजी पत्रकार कैट्रिन नाई (Catrin Nye) को लगातार परेशान करने और उनके परिवार को डराने-धमकाने के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला ?
यह विवाद 2023 की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘A Very British Cult’ से जुड़ा है। कैट्रिन नाई ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री में ‘लाइटहाउस’ (Lighthouse) नामक एक संगठन की संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि यह संगठन अपने सदस्यों पर कैसे नियंत्रण रखता है और छोड़ने वालों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
इसी रिपोर्टिंग से नाराज होकर संगठन के तीन सदस्य—क्रिस्टोफर डाइकलर (47), जतिंदर कामरा (46) और सुखराज सिंह (39)—पत्रकार को निशाना बनाने लगे।
कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
स्ट्रैटफोर्ड मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने ‘बिना हिंसा के उत्पीड़न’ (Harassment without violence) का दोषी पाते हुए
निम्नलिखित सजा सुनाई:
कम्युनिटी सर्विस: तीनों को 200-200 घंटे की अनिवार्य सामुदायिक सेवा करनी होगी।
10 साल का बैन: दोषी अगले 10 साल तक न तो कैट्रिन नाई के पास जा सकते हैं और न ही उनके पार्टनर से संपर्क कर सकते हैं।
नो-एंट्री ज़ोन: अदालत ने उन तीनों के उस पूरे लंदन बरो (Borough) में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, जहां पत्रकार अपने बच्चों के साथ रहती हैं।
आर्थिक दंड: दोषियों पर कुल 764 पाउंड (लगभग 80,000 रुपये) का जुर्माना और अदालती खर्च लगाया गया है।
जज ने ‘सिटिजन जर्नलिज्म’ के दावे को नकारा
सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को “सिटिजन जर्नलिस्ट” बताते हुए दावा किया कि वे अपनी डॉक्यूमेंट्री बना रहे थे। उन्होंने पत्रकार के घर जाने को ‘बाइबल भेंट करना’ बताया। हालांकि, जज होल्डम ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह सब एक ड्रामा था जिसका उद्देश्य केवल पत्रकार को मानसिक तनाव देना और डराना था।”





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