नई दिल्ली: मीडिया जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक ‘ITV नेटवर्क’ (India News) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। नेटवर्क की पूर्व एंकर दीप्सी द्विवेदी ने संस्थान प्रबंधन और HR विभाग पर उनकी अंतिम सैलरी (Full & Final Settlement) रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। दीप्सी का दावा है कि नौकरी छोड़ने के महीनों बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
दीप्सी द्विवेदी (एम्प्लॉयी कोड: ITVN2478) के अनुसार, उन्होंने 10 सितंबर 2025 को अपना इस्तीफा सौंपा था। नियमानुसार नोटिस पीरियड पूरा करने के बाद 10 अक्टूबर 2025 को उन्हें आधिकारिक तौर पर संस्थान से कार्यमुक्त (Relieve) कर दिया गया था।
आरोप है कि रिलीव होने के चार महीने बीत जाने के बाद भी उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं किया गया है।
’HR ने बातचीत के रास्ते किए बंद’
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा HR विभाग के व्यवहार को लेकर हुआ है। दीप्सी ने आरोप लगाया कि:
अपनी सैलरी के लिए बार-बार संपर्क करने पर HR साजिद ने उनका नंबर ब्लैकलिस्ट (Block) कर दिया है।
संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी संवाद करने के बजाय पल्ला झाड़ रहे हैं।
यह व्यवहार न केवल गैर-पेशेवर है, बल्कि कर्मचारी का मानसिक उत्पीड़न भी है।
सांसद कार्तिक शर्मा से न्याय की गुहार
दीप्सी ने इस मामले को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करते हुए ITV नेटवर्क के प्रमोटर और राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा को टैग किया है। उन्होंने मांग की है कि संस्थान में ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव तुरंत बंद होना चाहिए और उनका बकाया भुगतान किया जाना चाहिए।
”किसी संस्थान से सम्मानजनक विदाई के बाद अपनी ही सैलरी के लिए इस तरह भटकना और HR द्वारा नंबर ब्लॉक कर दिया जाना मीडिया इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दीप्सी के इस कदम के बाद मीडिया गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई अन्य पत्रकारों ने भी दबी जुबान में फाइनल सेटलमेंट में होने वाली देरी पर नाराजगी जताई है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर अभी तक ITV नेटवर्क या साजिद (HR) की ओर से कोई आधिकारिक सफाई पेश नहीं की गई है।





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