नई दिल्ली (Media4samachar ब्यूरो): भारतीय मीडिया जगत की प्रतिष्ठित संस्था एनडीटीवी (NDTV) में एक बार फिर बड़े बदलाव और छंटनी के संकेत मिल रहे हैं। अदाणी समूह के स्वामित्व वाले इस चैनल में लगभग 100 कर्मचारियों को परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (PIP) के नोटिस दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो इसे कर्मचारियों को बाहर निकालने की एक औपचारिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
हर विभाग में ‘PIP’ की दहशत
मीडिया गलियारों में चर्चा है कि इस बार PIP की चपेट में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि रिपोर्टर, एंकर, कैमरा क्रू, डेस्क स्टाफ और यहाँ तक कि कुछ टीम हेड्स भी शामिल हैं। यह नोटिस हिंदी और अंग्रेजी दोनों चैनलों के कर्मियों को भेजे गए हैं।
मार्च 2026 है ‘डेडलाइन’
एचआर विभाग द्वारा भेजे गए ईमेल में स्पष्ट कहा गया है कि कर्मचारियों का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। उन्हें सुधार के लिए मार्च के अंत तक का समय दिया गया है। यदि तय समय तक प्रदर्शन में बदलाव नहीं दिखा, तो प्रबंधन उनकी सेवाओं को समाप्त करने पर विचार करेगा।
“PIP का मतलब विदाई तय”
संस्थान के एक वरिष्ठ कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पिछले साल अप्रैल 2025 में भी यही फॉर्मूला अपनाया गया था। तब भी करीब 100 लोग PIP पर थे और उनमें से ज्यादातर को बाहर जाना पड़ा। यह पुराने स्टाफ को हटाने का एक तरीका बन गया है।”
अदाणी युग में बदलता NDTV
दिसंबर 2022 में जब से अदाणी समूह ने NDTV का अधिग्रहण किया है, तब से बड़े इस्तीफों और छंटनी का दौर जारी है। रवीश कुमार जैसे बड़े चेहरों के जाने के बाद से ही चैनल की वर्क कल्चर और प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। चर्चा यह भी है कि प्रणॉय रॉय के समय के पुराने स्टाफ को ‘डिसप्रोपॉर्शनेटली’ (असमान रूप से) निशाना बनाया जा रहा है।
हालाँकि, इस पूरे मामले पर NDTV प्रबंधन या एचआर की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।




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