

नोएडा: पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन जब इसी स्तंभ को खड़ा करने वाले पत्रकारों का शोषण होने लगे, तो सवाल उठना लाजिमी है। नोएडा स्थित न्यूज़ चैनल APN News चैनल की पूर्व कर्मचारी एंकर नलिनी सिंह पालीवाल आज एक ऐसी स्थिति में हैं जहाँ उन्हें अपनी मेहनत की कमाई के लिए सिस्टम और संवेदनहीन प्रबंधन से लड़ना पड़ रहा है।
गर्भावस्था में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना
नलिनी, जो वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती हैं, पिछले कई महीनों से नोएडा के लेबर कमिश्नर ऑफिस के चक्कर काट रही हैं। उनका मीडिया4समाचार से कॉल पर हुई बातचीत में आरोप है कि संस्थान ने उनके 3 महीने का वेतन रोक रखा है। नलिनी बताती हैं, “मैंने निष्ठा से काम किया, लेकिन जब वेतन माँगा तो MD राजश्री राय ने मुझे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप से ब्लॉक कर दिया। आज मुझे पैसों की सख्त जरूरत है लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हो रही।”
अकेली नहीं हैं नलिनी
यह कहानी सिर्फ नलिनी की नहीं है। उनकी सहयोगी एंकर नेहा दुबे और कई अन्य कर्मचारी भी इसी ‘सैलरी क्राइसिस’ इस चैनल का शिकार हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि इस्तीफा देने के समय वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी फूटी कौड़ी नहीं मिली।
प्रबंधन की चुप्पी
संस्थान की MD राजश्री राय पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों की गुहार सुनने के बजाय उनसे दूरी बना ली है। एक तरफ जहाँ महिला सशक्तिकरण की बातें होती हैं, वहीं एक गर्भवती महिला कर्मचारी को उसके हक के पैसे के लिए इस तरह मानसिक पीड़ा देना संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।




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