मीडिया जगत में एक बार फिर वेतन और शोषण का मुद्दा गरमा गया है। Apn न्यूज चैनल की महिला एंकर वक्ता दुबे (Vakta Dubey) ने APN न्यूज चैनल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
वक्ता दुबे का आरोप है कि चैनल प्रबंधन पिछले चार महीनों से उनकी सैलरी का भुगतान नहीं कर रहा है। इसके साथ ही उनकी अन्य महिला सहयोगी एंकर नेहा शर्मा दुबे,नलिनी सिंह पालीवाल को भी इन्हीं समस्याओं का सामना काफी लंबे समय से करना पड़ रहा हैं

लेबर कोर्ट की सुस्त कार्रवाई पर उठाए सवाल
एंकर वक्ता दुबे ने ‘मीडिया4समाचार’ से कॉल पर हुई विशेष बातचीत व शिकायत में अपना दर्द साझा किया हैं।
उन्होंने बताया कि अपनी गाढ़ी कमाई और हक के पैसे के लिए उन्हें लेबर कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है। हालांकि, उन्होंने सिस्टम की सुस्ती पर निराशा जताते हुए कहा कि लेबर कोर्ट से भी उन्हें अभी तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी मानसिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
संवाद के रास्ते बंद: व्हाट्सएप और ट्विटर पर किया ब्लॉक
हैरानी की बात यह है कि एक जिम्मेदार न्यूज संस्थान होने के बावजूद प्रबंधन ने एंकर के साथ संवाद करने के बजाय उन्हें डिजिटल रूप से पूरी तरह काट दिया है।
एंकर वक्ता दुबे के अनुसार:
चैनल प्रबंधन ने उन्हें WhatsApp पर ब्लॉक कर दिया है।
उनके आधिकारिक Twitter (X) हैंडल को भी ब्लॉक किया गया है ताकि वे अपनी बात न रख सकें।
”जब संस्थान ही संवाद के रास्ते बंद कर दे और कानूनी प्रक्रिया में भी देरी हो, तो एक पत्रकार कहाँ जाए?” — वक्ता दुबे
मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और श्रम कानून
यह मामला एक बार फिर मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। जानकारों का कहना है कि लेबर कोर्ट में केसों का लंबा खिंचना संस्थानों को और अधिक मनमानी करने का मौका देता है।
निष्कर्ष (The Takeaway)
वक्ता दुबे की यह कानूनी लड़ाई अब लेबर कोर्ट के पाले में है। क्या कोर्ट इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर एक मिसाल कायम करेगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा
मीडिया4समाचार इस खबर पर लगातार अपडेट देता रहेगा।




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