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Zee News, Times Now Navbharat, News18 और NDTV को NBDSA की सख्त चेतावनी

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नई दिल्ली | न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने देश के चार बड़े न्यूज़ चैनलों—ज़ी न्यूज़, टाइम्स नाउ नवभारत, न्यूज़18 इंडिया और एनडीटीवी इंडिया—के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने इन चैनलों को उन कार्यक्रमों के लिए चेतावनी जारी की है, जिनमें “थूक जिहाद” और “फूड जिहाद” जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

NBDSA का आदेश: न्यूज़ रूम में ‘जिहाद’ शब्दावली पर अंकुश

​जस्टिस (रिटायर्ड) ए. के. सिकरी की अध्यक्षता वाली संस्था ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस सबूत या आधिकारिक जांच के, छिटपुट घटनाओं को “जिहाद” या “संगठित साजिश” का नाम देना पत्रकारिता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

अथॉरिटी ने मुख्य रूप से इन चैनलों पर आपत्ति जताई:

  • Zee News और Zee Bharat: दूध विक्रेता से जुड़ी रिपोर्ट में “दूध जिहाद” जैसे शब्दों के प्रयोग पर।
  • Times Now Navbharat: खाने में थूकने से जुड़े कथित वीडियो पर “थूक जिहाद” शब्द के इस्तेमाल पर।
  • News18 India और NDTV India: समान प्रकृति की रिपोर्टिंग और संवेदनशील शब्दों के सामान्यीकरण (Generalization) के लिए।

कार्रवाई के मुख्य कारण

​NBDSA ने अपने आदेश में निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया है:

  • सांप्रदायिक रंग (Communal Angle): अथॉरिटी ने कहा कि अलग-थलग (Isolated) मामलों को किसी विशेष समुदाय के खिलाफ साजिश बताकर पेश करने से समाज में नफरत फैलने का खतरा रहता है।
  • सटीकता का अभाव: जुलाई 2025 और अक्टूबर 2024 की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया कि इन प्रसारणों में विश्वसनीयता और सबूतों की कमी थी।
  • तटस्थता का उल्लंघन: न्यूज़ चैनलों का काम तथ्य पेश करना है, न कि बिना आधार के किसी भी घटना को सांप्रदायिक रंग देना।

चैनलों को भविष्य के लिए निर्देश

​NBDSA ने इन सभी चैनलों को भविष्य में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

“चैनलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऐसी किसी भी शब्दावली का उपयोग न करें जिससे रिपोर्टिंग पक्षपाती या सांप्रदायिक लगे। भविष्य में ‘जिहाद’ शब्द के उपयोग के लिए विशेष गाइडलाइंस भी तैयार की जा सकती हैं।”

 

निष्कर्ष

​यह फैसला भारतीय मीडिया जगत के लिए एक नज़ीर पेश करता है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर समाज की सद्भावना से समझौता नहीं किया जा सकता। चैनलों को अब अपनी हेडलाइंस और कंटेंट में शब्दों के चयन को लेकर अधिक जिम्मेदार होना होगा।

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Author: media4samachar

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