नई दिल्ली/नोएडा:
न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ इंडिया’ के भीतर मचे घमासान ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। चैनल के प्रधान संपादक राणा यशवंत द्वारा किए गए बड़े-बड़े वादों और भारी-भरकम नियुक्तियों के बीच, संस्थान के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि संपादकीय विस्तार के नाम पर राणा यशवंत ने बिना किसी बिजनेस प्लान के नियुक्तियों की झड़ी लगा दी, जबकि रेवेन्यू और सेल्स के मोर्चे पर प्रदर्शन ‘शून्य’ रहा है।
मैनेजमेंट को अंधेरे में रखकर भर्ती?
सूत्रों के मुताबिक, राणा यशवंत ने देश-विदेश में संपादकीय विभाग के लिए बड़ी संख्या में लोगों को भर्ती कर लिया, लेकिन इसके लिए मैनेजमेंट से कोई औपचारिक अनुमति (Approval) नहीं ली गई। जब चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने इन नियुक्तियों के कागजात चेक कराए, तो कई दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा पाया गया। बिना अनुमति के भर्ती और दस्तावेजों में हेराफेरी ने चेयरमैन के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
वायरल वीडियो: “राणा यशवंत खुद देंगे इन लोगों की सैलरी”
इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा बेहद तल्ख लहजे में राणा यशवंत को आईना दिखाते हुए कह रहे हैं कि:
“बिना अप्रूवल के भर्ती किए गए इन लोगों की सैलरी का बोझ संस्थान नहीं उठाएगा। राणा यशवंत जी ने जिन्हें बिना इजाजत रखा है, उनका वेतन अब वो खुद अपनी जेब से देंगे।”
रेवेन्यू बनाम फिजूलखर्ची
आज के दौर में जब हर मीडिया संस्थान रेवेन्यू ओरिएंटेड (राजस्व आधारित) मॉडल पर काम कर रहा है, न्यूज़ इंडिया में केवल संपादकीय बजट बढ़ाते जाना और सेल्स-मार्केटिंग को नजरअंदाज करना चैनल के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है। जानकारों का कहना है कि बिना बिजनेस का इंतजाम किए सिर्फ भर्ती करना और कंटेंट परोसना संस्थान पर बोझ बढ़ाने जैसा है, जिसे राणा यशवंत ने अपनी जिद में नजरअंदाज किया।
मीडिया जगत में चर्चा: क्या खतरे में है चैनल का भविष्य?
राणा यशवंत द्वारा बिना किसी ठोस आर्थिक आधार के सिर्फ संपादकीय भीड़ जमा कर लेना, अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा काम माना जा रहा है। भारी-भरकम सैलरी बजट और जीरो रेवेन्यू के चलते प्रबंधन ने अब हाथ खींच लिए हैं, जिससे चैनल के भीतर हड़कंप का माहौल है।


Users Today : 62
Users Yesterday : 318