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कर्मों का हिसाब यहीं होता है: ऋचा अनिरुद्ध का राणा यशवंत पर तीखा हमला,याद दिलाया 8 साल पुराना उनके साथ किया ‘महाधोखा’

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नई दिल्ली: न्यूज़ इंडिया 24×7 (News India 24×7) के प्रबंधन और एडिटर-इन-चीफ राणा यशवंत के बीच छिड़ी जंग अब व्यक्तिगत आरोपों और पुराने विवादों की ज़द में आ गई है। वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय एंकर ऋचा अनिरुद्ध ने इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राणा यशवंत और मीडिया संस्थानों के ‘दोगलेपन’ पर बड़ा प्रहार किया है।

​ऋचा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) 8 साल पहले प्रकाशित अपने एक पत्र को साझा करते हुए पुराने ज़ख्मों को कुरेदा है।

“जब खुद पर बीतती है, तभी याद आती है रीढ़ की हड्डी”

​ऋचा अनिरुद्ध ने न्यूज़ इंडिया के मौजूदा घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज जो संपादक पत्रकारों के हक़ की बात कर रहे हैं, उनके कार्यकाल में पत्रकारों का शोषण चरम पर था। उन्होंने बिना नाम लिए राणा यशवंत पर निशाना साधते हुए कहा:

“आज पत्रकारों के साथ खड़े होने की बात जो संपादक कर रहे हैं, उनके पुराने चैनल में रातों-रात लोग निकाल दिए जाते थे। न कोई नोटिस, न कॉम्पन्सेशन (Compensation)… जायज़ सैलरी तक के लिए लोगों को लड़ना पड़ता था।”

 

इंडिया न्यूज़ और ‘बेटियां’ शो का वो कड़वा अनुभव

​ऋचा ने अक्टूबर 2017 की उस घटना का ज़िक्र किया जब वह ‘इंडिया न्यूज़’ में अपना चर्चित शो ‘बेटियां’ कर रही थीं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके अनुबंध (Contract) को अवैध तरीके से खत्म किया गया और उन्हें अपमानित होना पड़ा:

  • रातों-रात निष्कासन: ऋचा के अनुसार, एक अनजान एचआर (HR) के ज़रिए उनका शो बंद कर दिया गया।
  • संपर्क तोड़ा गया: जब उन्होंने इस मुद्दे पर संपादक (राणा यशवंत) से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और पूरी तरह ‘गायब’ हो गए।
  • चरित्र पर कीचड़ उछाला: ऋचा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने लीगल नोटिस भेजा, तो जवाब में यह लिखवाया गया कि उन्होंने बदतमीजी की थी।

“कर्मों का हिसाब यहीं होना है”

​अपने ट्वीट के दूसरे हिस्से में ऋचा ने जीवन के एक बड़े सत्य और ‘कर्म’ की बात की। उन्होंने लिखा कि जब एक संपादक मालिक के साथ मिलकर सैकड़ों पत्रकारों का हक मारता है और उनके साथ हो रहे गलत को चुपचाप देखता है, तो एक न एक दिन उसका सामना भी एक और मालिक से होता है।

​उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पत्रकारिता के मूल्य और ‘रीढ़ की हड्डी’ जैसे भारी-भरकम शब्द लोगों को तभी याद आते हैं जब मुसीबत खुद के दरवाज़े पर दस्तक देती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

​ऋचा अनिरुद्ध के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर पत्रकारों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ न्यूज़ इंडिया 24×7 का आंतरिक कलह जारी है, वहीं दूसरी तरफ ऋचा के इस बयान ने यह साफ़ कर दिया है कि मीडिया जगत के ‘बड़े नाम’ पर्दे के पीछे अपनी टीम के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।

​मीडिया4समाचार पर साझा किए गए उनके पुराने पत्र की आखिरी लाइन आज के हालात पर बिल्कुल सटीक बैठती है, जिसे उन्होंने विशेष रूप से गौर करने को कहा है।

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Author: media4samachar

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