नई दिल्ली: न्यूज इंडिया चैनल के प्रधान संपादक रहे राणा यशवंत एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र रंजन ने सोशल मीडिया पर एक विस्फोटक पोस्ट साझा करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रंजन का दावा है कि न्यूज़ इंडिया चैनल के मालिक को आर्थिक रूप से संकट में डालने के पीछे गलत प्रबंधन और जरूरत से ज्यादा स्टाफ की भर्ती एक बड़ी वजह है।
”चैनल चलाने गए थे या मालिक की बर्बादी का कारण बनने?”
रविंद्र रंजन ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर राणा यशवंत की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मालिक के प्रति चिंता जाहिर करते हुए पूछा कि:
- आखिर एक नए चैनल में इतना भारी-भरकम स्टाफ क्यों भर लिया गया?
- क्या यह चैनल चलाने की रणनीति थी या जानबूझकर मालिक को वित्तीय रूप से खोखला करने का तरीका?
- अगर अनुभव की कमी थी, तो किसी छोटे चैनल के ऑफिस का दौरा ही कर लेते, वहां भी इतना स्टाफ नहीं मिलता।
मालिक के भरोसे का ‘गलत फायदा’?
रंजन ने न्यूज़ इंडिया की तुलना ‘वायस ऑफ इंडिया’ के पतन से करते हुए कहा कि कुछ लोग चैनल चलाने के नाम पर साल-छह महीने “लूट” मचाते हैं और फिर निकल जाते हैं। उन्होंने इस तरह की “पत्रकारिता” को अनुचित करार दिया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- वित्तीय बोझ: बेवजह की गई भर्तियों ने चैनल के मालिक पर भारी आर्थिक दबाव बना दिया है।
- भविष्य पर संकट: उन कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल उठाया गया है जिन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाकर चैनल में लाया गया था।
- अनुभवहीनता का आरोप: वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों की समझ और अनुभव पर तंज कसा गया है।
मीडिया जगत में खलबली
सोशल मीडिया पर रविंद्र रंजन की यह पोस्ट अब चर्चा का विषय बन गई है। यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या न्यूज़ इंडिया के मालिक को गुमराह किया गया? क्या चैनल के वर्तमान हालात के लिए केवल प्रबंधन की गलतियां जिम्मेदार हैं या यह एक सोची-समझी “बर्बादी” की कहानी है?






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