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न्यूज इंडिया’ चैनल के खिलाफ अफवाह फैलाई तो आईटी एक्ट और मानहानि के तहत होगी जेल, प्रबंधन ने दी सीधी चेतावनी

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नोएडा/लखनऊ | Media4samachar ब्यूरो सोशल मीडिया के दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी न्यूज़ चैनल ‘न्यूज इंडिया’ (News India) चैनल की छवि को धूमिल करने की नीयत से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर संस्थान ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि संस्थान की साख से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होगी सीधी FIR

​न्यूज इंडिया की लीगल टीम और आईटी सेल उन सभी सोशल मीडिया हैंडल्स, फेसबुक पेजों और व्हाट्सएप ग्रुप्स की निगरानी कर रही है, जहाँ चैनल के खिलाफ निराधार और मनगढ़ंत खबरें प्रसारित की जा रही हैं। संस्थान का कहना है कि डिजिटल फुटप्रिंट्स के माध्यम से अफवाह फैलाने वालों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ संबंधित राज्यों की साइबर सेल में आईटी एक्ट (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जा सके।

कठोर कानूनी प्रावधान: जेल और भारी जुर्माना

​संस्थान ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफवाह फैलाना केवल नैतिक रूप से गलत नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है:

  • मानहानि (Defamation): संस्थान की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के एवज में दीवानी और फौजदारी मानहानि का मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें जेल के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड (Damages) का भी प्रावधान है।
  • आईटी एक्ट की धाराएं: सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ की गई सामग्री (Morphed Content) या झूठी सूचना साझा करने पर आईटी एक्ट के तहत कड़ी सजा हो सकती है।
  • ग्रुप एडमिन भी घेरे में: यदि किसी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में ऐसी अफवाहें बिना रोक-टोक के साझा की जा रही हैं, तो ग्रुप एडमिन को भी इस कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनाया जा सकता है।

प्रोपेगेंडा चलाने वालों की पहचान जारी

​सूत्रों के अनुसार, न्यूज इंडिया के प्रबंधन ने उन विशिष्ट प्रोफाइल्स की सूची तैयार कर ली है जो एक सुनियोजित साजिश के तहत चैनल के विरुद्ध ‘प्रोपेगेंडा’ चला रहे हैं। संस्थान का तर्क है कि स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत द्वेष के चलते फैलाई गई झूठी खबरें पत्रकारिता के मूल्यों और कानून के विरुद्ध हैं।

Media4samachar की पाठकों से अपील

Media4samachar अपने सभी पाठकों से अनुरोध करता है कि वे डिजिटल नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझें। किसी भी खबर को साझा (Share) करने से पहले उसकी सत्यता की जांच आधिकारिक स्रोतों से अवश्य करें। याद रखें, एक गलत क्लिक आपको कानूनी मुश्किलों के जाल में फँसा सकता है।

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Author: media4samachar

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