नई दिल्ली | डिजिटल डेस्क देश के न्यूज़ चैनलों के बीच चल रही टीआरपी (TRP) की अंधी दौड़ पर केंद्र सरकार ने बड़ा प्रहार किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने टीवी न्यूज़ चैनलों की रेटिंग को अगले चार हफ्तों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। यह फैसला हाल के दिनों में रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जैसे युद्धों के दौरान चैनलों द्वारा की गई ‘अतिशयोक्तिपूर्ण’ और ‘सनसनीखेज’ कवरेज के जवाब में लिया गया है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ समय से न्यूज़ चैनलों के कंटेंट में गिरावट देखी गई है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय युद्धों की कवरेज के दौरान चैनलों ने निम्नलिखित मर्यादाओं का उल्लंघन किया:
- भड़काऊ हेडलाइंस: दर्शकों को डराने वाली और युद्ध के भयावह अंत की भविष्यवाणियां करना।
- ग्राफिक्स का गलत इस्तेमाल: युद्ध के मैदान को वीडियो गेम की तरह पेश करना।
- गलत सूचनाएं: बिना पुष्टि के सनसनीखेज दावों को प्रसारित करना।
TRP की होड़ पर लगाम मंत्रालय का मानना है कि न्यूज़ चैनल ‘नंबर 1’ बनने की होड़ में पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को भूल रहे हैं। BARC (Broadcast Audience Research Council) द्वारा जारी की जाने वाली साप्ताहिक रेटिंग ही इस होड़ की मुख्य वजह है। सरकार का तर्क है कि 4 हफ्तों तक रेटिंग रोकने से चैनलों पर व्यूअरशिप का दबाव कम होगा और वे अधिक जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
खबर की मुख्य बातें (Key Highlights):
- तत्काल प्रभाव: यह निलंबन तुरंत लागू कर दिया गया है, यानी अगले एक महीने तक कोई नया डेटा जारी नहीं होगा।
- कंटेंट की निगरानी: इस अवधि के दौरान मंत्रालय न्यूज़ चैनलों के कंटेंट की बारीकी से निगरानी करेगा।
- चेतावनी का असर: सरकार ने पहले भी न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स को एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन सुधार न दिखने पर यह कड़ा कदम उठाया गया।
विज्ञापन बाज़ार पर पड़ेगा असर? रेटिंग निलंबित होने से न्यूज़ इंडस्ट्री के विज्ञापन राजस्व (Ad Revenue) पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि विज्ञापनदाता आमतौर पर साप्ताहिक रेटिंग के आधार पर ही अपने स्लॉट बुक करते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ न्यूज़ रूम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए आवश्यक था।
विशेषज्ञ की राय: “पत्रकारिता का धर्म सूचना देना है, डर फैलाना नहीं। सरकार का यह कदम चैनलों को आत्म-मंथन करने का अवसर देगा।”



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