लखनऊ: सहारा समूह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा शहर परिसर में बड़ी छापेमारी की। करीब चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में ईडी के अधिकारियों ने समूह की रियल एस्टेट परियोजनाओं और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला।
जांच का मुख्य केंद्र: संपत्तियों के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ईडी के चार अधिकारी दो गाड़ियों से सहारा शहर पहुंचे। नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में परिसर खुलवाया गया और जांच शुरू हुई। टीम का मुख्य फोकस निम्नलिखित बिंदुओं पर रहा:
- जमीनों के बैनामे: समूह द्वारा खरीदी और बेची गई जमीनों के मूल दस्तावेज।
- HR और हाउसिंग विभाग: सबसे अधिक फाइलें एचआर ऑफिस से बरामद की गई हैं।
- डिजिटल साक्ष्य: टीम ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा को अपने कब्जे में लिया है।
नगर निगम के कब्जे में है परिसर
गौरतलब है कि लीज डीड की शर्तों के उल्लंघन के कारण लखनऊ नगर निगम ने 6 अक्टूबर 2025 को ही सहारा शहर को सील कर दिया था। वर्तमान में यह परिसर इंफोर्समेंट टास्क फोर्स की सुरक्षा में है। शुक्रवार की छापेमारी के लिए ईडी ने विशेष रूप से नगर निगम से अनुमति मांगी थी।
देशव्यापी जांच का हिस्सा
यह कार्रवाई केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। इससे पहले ईडी ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी सहारा समूह के ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में यह बात सामने आई है कि दिसंबर 2025 में ओडिशा के बहरामपुर में एक निरस्त बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर करीब 32 एकड़ जमीन अवैध रूप से बेच दी गई थी, जो सीधे तौर पर अदालती आदेशों की अवहेलना है।
शनिवार को भी जारी रह सकती है कार्रवाई
ईडी की टीम ने परिसर में दो दिनों तक जांच करने की अनुमति ली है। माना जा रहा है कि शनिवार को भी अधिकारियों की टीम दस्तावेजों के मिलान और पूछताछ के लिए सहारा शहर पहुंच सकती है। इस कार्रवाई से सहारा समूह की अन्य संपत्तियों और बेनामी लेन-देन के बड़े खुलासे होने की संभावना है।




Users Today : 9
Users Yesterday : 200