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तीर्थराज पुष्कर की पावन धरा से राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री का न्यायोद्घोष: ‘अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा ही सर्वोपरि संकल्प’

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अजमेर/पुष्कर

सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा की नगरी और तीर्थराज पुष्कर की पावन धरा आज एक वैचारिक संकल्प की साक्षी बनी। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री ने ब्रह्म सरोवर के दर्शन और पूजन के पश्चात समाज सेवा और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक नई चेतना का आह्वान किया।

आध्यात्मिक ऊर्जा से समाज कल्याण का मार्ग

​पुष्कर की पवित्र रज को मस्तक पर लगाकर अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संदेश में कहा कि तीर्थराज की दिव्यता ने उनके अंतर्मन में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा, “आज ब्रह्म सरोवर की पवित्रता और यहाँ की दिव्य रज के सानिध्य में मन को जो शांति और प्रेरणा मिली है, वह शब्दों से परे है। ब्रह्म देव का आशीर्वाद हमें इतनी शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करे कि हम सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग से कभी विचलित न हों।”

‘अंतिम व्यक्ति’ के अधिकारों पर केंद्रित होगा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M)

​अग्निहोत्री ने इस अवसर पर संगठन की भविष्य की कार्ययोजना का संकेत देते हुए स्पष्ट किया कि उनका मुख्य ध्येय समाज के उस ‘अंतिम व्यक्ति’ तक पहुँचना है, जिसे अक्सर न्याय और अधिकारों से वंचित रखा जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सत्ता और व्यवस्था की गलियों में दबे-कुचले लोगों की आवाज़ बनना ही राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का मूल उद्देश्य है।

​अलंकार अग्निहोत्री के अनुसार, “न्याय का अर्थ केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस हर व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाना है जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा है।”

संगठन में नई ऊर्जा का संचार

​अलंकार अग्निहोत्री की इस आध्यात्मिक यात्रा को राजनीतिक और सामाजिक हल्कों में ‘जन-चेतना’ के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उनके इस संकल्प से राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M) के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में अग्निहोत्री के नेतृत्व में संगठन जन-अधिकारों की लड़ाई को और अधिक प्रखर और व्यापक बनाएगा।

ब्रह्म देव से शक्ति की कामना

​पुष्कर दर्शन के दौरान अग्निहोत्री ने विशेष पूजा-अर्चना की और कामना की कि वे राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निडरता के साथ कर सकें। उनके इस संक्षिप्त किंतु प्रभावी संदेश ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है, जहाँ उनके समर्थकों ने इसे ‘न्याय की नई शुरुआत’ करार दिया है।

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Author: media4samachar

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