मुंबई: देश के दिग्गज मीडिया समूह और हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) की मूल कंपनी डी.बी. कॉर्प लिमिटेड (D. B. Corp Limited) ने अपने नेतृत्व को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सोमवार को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में वर्तमान मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से इस पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
2031 तक संभालेंगे कमान
कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सुधीर अग्रवाल का नया कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड की ‘नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी’ की सिफारिश पर लिए गए इस फैसले पर अभी कंपनी के शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है।
अग्रवाल का नेतृत्व: 4 से 61 एडिशन तक का सफर
सुधीर अग्रवाल पिछले 35 वर्षों से प्रिंटिंग और पब्लिशिंग बिजनेस का हिस्सा हैं। उनके नेतृत्व में डी.बी. कॉर्प ने अभूतपूर्व प्रगति की है:
- भौगोलिक विस्तार: कंपनी एक राज्य से निकलकर आज 12 राज्यों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।
- नेटवर्क में वृद्धि: साल 1997 में जहाँ कंपनी के पास केवल 4 एडिशन थे, वहीं सुधीर अग्रवाल की रणनीति के चलते आज यह संख्या बढ़कर 61 एडिशन हो गई है।
- बहुभाषी पहुँच: वर्तमान में कंपनी तीन अलग-अलग भाषाओं में अखबारों का प्रकाशन कर रही है।
वैश्विक संस्थानों ने माना रणनीतिक कौशल
सुधीर अग्रवाल की सबसे बड़ी उपलब्धि उनका ‘डोर-टू-डोर’ लॉन्च मॉडल माना जाता है। इस सफल मार्केटिंग और वितरण मॉडल की चर्चा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू (HBR), IIM अहमदाबाद और IIM बेंगलुरु जैसे विश्व स्तरीय संस्थानों ने इस मॉडल पर केस स्टडी तैयार की है।
वित्तीय नतीजों को भी मिली मंजूरी
मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति के साथ-साथ, बोर्ड ने मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों (Audited Financial Results) की भी समीक्षा की और उन्हें अपनी स्वीकृति प्रदान की।
क्लीन चिट और स्पष्टीकरण
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सुधीर अग्रवाल पर किसी भी नियामक संस्था (Regulatory Body) की ओर से डायरेक्टर पद संभालने को लेकर कोई प्रतिबंध या रोक नहीं है, जो उनकी नियुक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टता है।
निष्कर्ष: नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने का यह फैसला दर्शाता है कि डी.बी. कॉर्प अपनी भविष्य की योजनाओं और विस्तार की गति को सुधीर अग्रवाल के अनुभवी विजन के साथ ही आगे ले जाना चाहती है।




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