नई दिल्ली: भारतीय टीवी पत्रकारिता के दिग्गज और ‘आजतक’ (Aaj Tak) में मैनेजिंग एडिटर (पॉलिटिक्स) के पद पर कार्यरत अशोक सिंघल ने संस्थान से विदाई ले ली है। जुलाई 2008 में आजतक से जुड़ने वाले सिंघल ने करीब 18 वर्षों तक चैनल की राजनीतिक कवरेज और ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की दुनिया में अपनी धाक जमाए रखी। चर्चा है कि वे बहुत जल्द एक बड़े मीडिया समूह के साथ अपनी नई और प्रभावी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं।
मैनेजिंग एडिटर (पॉलिटिक्स) के रूप में एक युग का अंत
अशोक सिंघल ने ‘आजतक’ में अपनी लंबी पारी के दौरान राजनीति की हर छोटी-बड़ी हलचल को जनता तक पहुँचाया। मैनेजिंग एडिटर के रूप में उन्होंने न केवल टीम का नेतृत्व किया, बल्कि फील्ड में उतरकर खुद को एक ‘चैंपियन रिपोर्टर’ के रूप में भी साबित रखा। प्रतिद्वंदी चैनलों के पत्रकारों की नज़र हमेशा इस बात पर रहती थी कि अशोक सिंघल कौन सी बड़ी खबर ब्रेक करने वाले हैं।
संघर्ष और सिद्धांतों की पत्रकारिता
हरियाणा के जींद (नरवाना) से निकलकर दिल्ली की पत्रकारिता में अपनी जगह बनाने वाले अशोक सिंघल का सफर प्रेरणादायक है:
- प्रिंट से शुरुआत: उन्होंने ‘जनसत्ता’ जैसे प्रतिष्ठित अखबार से अपने करियर की शुरुआत की।
- दिग्गजों का सानिध्य: उन्होंने ओम थानवी और प्रभाष जोशी जैसे संपादकों के दौर में पत्रकारिता के गुर सीखे।
- टीवी का सफर: ‘राष्ट्रीय सहारा’, ‘NDTV’ और 12 साल ‘ज़ी न्यूज़’ में रहने के बाद वे ‘आजतक’ का प्रमुख चेहरा बने।
सोशल मीडिया से दूर, काम को माना ‘खुदा’
आज के दौर में जहाँ पत्रकारिता सोशल मीडिया की चकाचौंध में सिमटती जा रही है, अशोक सिंघल ने खुद को इससे दूर रखा। उन्होंने केवल अपने काम को प्राथमिकता दी और संसद व पीएमओ (PMO) से जुड़ी हज़ारों एक्सक्लूसिव खबरें ब्रेक कीं। 30 साल के लंबे करियर में बिना एक दिन का ब्रेक लिए काम करना उनकी ‘फाइटर स्पिरिट’ को दर्शाता है।
अब एक छोटे से अंतराल के बाद, पत्रकारिता जगत को उनकी नई पारी के आगाज़ का इंतज़ार है।






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