लखनऊ। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को पत्र लिखकर सहारा ग्रुप की संपत्तियों के अधिग्रहण से पहले उसके बकाया ईपीएफ अंशदानों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह पत्र 8 अक्टूबर 2025 को ईपीएफओ के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से जारी किया गया।
पत्र में कहा गया है कि सहारा इंडिया ग्रुप की विभिन्न इकाइयों पर भविष्य निधि अंशदान, ब्याज, प्रशासनिक शुल्क और क्षतिपूर्ति से जुड़े कई दावे और बकाया लंबित हैं। इसलिए यदि अडाणी ग्रुप सहारा ग्रुप की संपत्तियों या व्यवसायों का अधिग्रहण करता है, तो उसे इन देनदारियों की जिम्मेदारी भी उठानी होगी।
ईपीएफओ ने पत्र में कर्मचारी भविष्य निधि और विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 17B का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी प्रतिष्ठान के हस्तांतरण की स्थिति में, नया स्वामी पूर्व नियोक्ता के साथ संयुक्त रूप से ईपीएफ की बकाया राशि के भुगतान के लिए उत्तरदायी होता है।
ईपीएफओ ने अडाणी ग्रुप को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सहारा इंडिया ग्रुप से जुड़ी सभी कानूनी देनदारियां और ईपीएफ बकाया रकम अधिग्रहण से पहले या उसी समय पूरी तरह चुकता की जाएं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अडाणी ग्रुप वर्तमान में सहारा ग्रुप की कुछ परिसंपत्तियों या व्यवसायों के अधिग्रहण की प्रक्रिया का मूल्यांकन कर रहा है।
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिग्रहण से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि सहारा कर्मचारियों का भविष्य निधि बकाया पूरी तरह से जमा हो, ताकि श्रमिकों के अधिकारों पर कोई आंच न आए।




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