नई दिल्ली: कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज गौतम अडानी अब मीडिया की दुनिया के निर्विवाद सम्राट बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। पोर्ट से लेकर पावर तक अपना लोहा मनवाने के बाद, अडानी ग्रुप का पूरा फोकस अब देश के सबसे बड़े मीडिया घरानों पर टिक गया है। हालिया चर्चाओं ने पूरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है कि क्या अडानी अब ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (BCCL) को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने जा रहे हैं?
विस्तार की आक्रामक रणनीति
अडानी ग्रुप ने अपनी मीडिया कंपनी AMG Media Networks Ltd (AMNL) के जरिए पिछले कुछ समय में जो रफ्तार पकड़ी है, उसने बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान कर दिया है:
IANS का पूर्ण नियंत्रण: साल 2026 की शुरुआत में ही अडानी ग्रुप ने न्यूज एजेंसी ‘IANS’ की बची हुई हिस्सेदारी खरीदकर उसका पूरा मालिकाना हक हासिल कर लिया। इससे अडानी की पहुंच देश के हजारों छोटे-बड़े न्यूज पोर्टल्स तक हो गई है।
NDTV की धमक: NDTV के अधिग्रहण के साथ अडानी ने ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
द क्विंट (The Quint): डिजिटल स्पेस में भी अडानी पहले ही अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित कर चुके हैं।
टाइम्स ग्रुप और अडानी: क्या है हकीकत ?
बाजार में उड़ रही खबरों के अनुसार, टाइम्स ग्रुप (BCCL) के स्वामित्व ढांचे में बदलाव की सुगबुगाहट है। जानकारों का कहना है कि अडानी ग्रुप इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहता। अगर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ जैसा विशाल प्रिंट साम्राज्य अडानी के पास आता है, तो:
अडानी ग्रुप देश का सबसे बड़ा ‘मल्टी-मीडिया मुगल’ बन जाएगा।
प्रिंट, टीवी, डिजिटल और न्यूज एजेंसी—हर वर्टिकल पर अडानी का सीधा नियंत्रण होगा।
निष्कर्ष
गौतम अडानी की नजर अब केवल व्यापार पर ही नहीं, बल्कि सूचना के सबसे बड़े स्रोतों पर भी है। हालांकि टाइम्स ग्रुप के साथ डील को लेकर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन अडानी ग्रुप की हालिया सक्रियता इशारा कर रही है कि वे मीडिया इंडस्ट्री में एक बड़ा ‘ब्लॉकबस्टर’ धमाका करने के बेहद करीब हैं।





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