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अमृत विचार अखबार के सीएमओ व हेड ऑफ ऑपरेशन अखंड प्रताप सिंह ने प्रबंधन के खिलाफ श्रम मंत्री और आयुक्त को लिखा पत्र

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सेवा में,

श्री अनिल राजभर, मंत्री-श्रम एवं सेवायोजन
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ

विषय: अमृत विचार प्रबंधन बरेली द्वारा मुझे नौकरी से निकाले जाने का प्रयास

महोदय, प्रार्थी अखंड प्रताप सिंह, अमृत विचार अखबार के लखनऊ कार्यालय में बतौर चीफ मार्केटिंग ऑफिसर एवं हेड ऑफ ऑपरेशंस के पद पर कार्यरत है और प्रार्थी के पास अमृत विचार के लखनऊ, कानपुर और अयोध्या संस्करणों का प्रभार है।

विगत कुछ महीनों से अमृत विचार के COO पार्थो कुनार द्वारा लगातार मेरे हर काम/प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाकर मुझे कंपनी से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पार्थो कुनार अमृत विचार के बरेली कार्यालय में बैठते हैं और हर महीने तकरीबन 2 बार लखनऊ के दौरे पर आते हैं। पिछली तीन बार से वो जब भी लखनऊ कार्यालय आते हैं मुझ पर त्यागपत्र देने का दबाव बना रहे हैं।

पार्थो कुनार की इन हरकतों से तंग आकर मैंने अखबार के मालिक डॉ केशव अग्रवाल, डॉ वरुण अग्रवाल और डॉ अर्जुन अग्रवाल से बरेली स्थित बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के मुख्यालय भवन में 10 फरवरी 2026 को मुलाकात की और उनको सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराया। साक्ष्य के तौर पर 11 फरवरी 2026 को उनको ऐसी 20 ईमेल भी फॉरवर्ड की जिससे यह साबित होता है कि पार्थो कुनार जान बूझ कर मेरे हर काम में या तो अड़ंगा लगा रहे हैं या उसको करने/निर्णय लेने में अनावश्यक देरी कर रहे हैं।

उपरोक्त मीटिंग में मेरी सारी बातों को सुनने के बाद प्रबंधन ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। परन्तु इसके बाद पार्थो कुनार ने मेरे खिलाफ साजिशें और तेज कर दी और 17 फरवरी 2026 को पुनः लखनऊ आकर मुझे नौकरी से त्यागपत्र देने का दबाव बनाने लगे। जब इसके बारे में मैंने कंपनी के चेयरमैन डा केशव अग्रवाल से व्हाट्सएप और मेल पर जानकारी चाही कि क्या मुझसे त्यागपत्र लेने का डिसीजन आपका है तो उन्होंने बताया कि हां ये मैनेजमेंट का निर्णय है। और उनकी तरफ से भी दबाव बनाया जाने लगा,

और 19/20 फरवरी 2026 को कंपनी के डायरेक्टर डा वरुण अग्रवाल ने मेरे एक मेल के जवाब में यह लिख दिया कि मेरा त्यागपत्र स्वीकार किया जाता है जबकि सत्यता ये है कि अभी तक मैने त्यागपत्र दिया ही नहीं है (मेल की कापी संलग्न है)। आज प्रार्थी का अमृत विचार का ऑफिशियल ईमेल आईडी भी सर्वर से ब्लॉक कर दिया गया है।

अभी तो प्रार्थी कार्यालय आ रहा है पर मुझे आशंका है कि प्रबंधन मुझे कार्यालय आने से भी रोक सकता है या मेरा तबादला किसी दूसरे शहर में कर सकता है।

महोदय! प्रार्थी के बुजुर्ग माता पिता प्रार्थी के साथ रहते हैं और लखनऊ शहर में प्रार्थी अकेला उनका देखभाल करने वाला व्यक्ति है। साथ ही निकट भविष्य में प्रार्थी के पुत्री की शादी भी होने वाली है। ऐसे में अमृत विचार अखबार के प्रबंधन द्वारा जबरदस्ती त्यागपत्र मांगना नितांत अमानवीय कृत्य है।

प्रार्थी का यह सादर अनुरोध है मेरी मदद की जाए।

चूंकि अमृत विचार के मालिकान कई मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के भी मालिक/संचालक हैं और काफी पैसे वाले लोग हैं इनसे मेरी जान को भी खतरा है। कृपया प्रार्थी के साथ न्याय किया जाए।

प्रार्थी,
अखंड प्रताप सिंह
3/438, विश्वास खंड, गोमतीनगर, लखनऊ -226010

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Author: media4samachar

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