नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
पॉजिटिव पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान रखने वाली प्रतिष्ठित पत्रिका ‘फेम इंडिया’ ने मीडिया जगत के अनुभवी चेहरे और वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंह को अपने साथ जोड़ा है। लगभग ढाई दशक (25 वर्ष) से पत्रकारिता की मुख्यधारा में सक्रिय अनिल सिंह को संस्थान में मैनेजिंग एडिटर (प्रबंध संपादक) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अनुभव का महासंगम: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल
अनिल सिंह के पास मीडिया के तीनों प्रमुख स्तंभों— प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल का गहरा अनुभव है। फेम इंडिया की प्रकाशक राजश्री सोंथालिया ने इस नियुक्ति पर विश्वास जताते हुए कहा कि अनिल सिंह की धारदार पत्रकारिता और वर्षों के अनुभव का लाभ पत्रिका को मिलेगा। वे प्रधान संपादक धीरज भारद्वाज की कोर टीम का हिस्सा होंगे और देश भर में चल रहे विभिन्न सर्वेक्षणों, ग्राउंड रिपोर्ट्स और विशेष कवर्स की कमान संभालेंगे।
मिशन ‘लोकप्रिय कलेक्टर 2026’: सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों की तलाश
अपनी नई भूमिका के साथ अनिल सिंह ने फेम इंडिया के आगामी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “लोकप्रिय कलेक्टर 2026” का रोडमैप साझा किया। यह सर्वे देश की प्रमुख एजेंसी एशिया पोस्ट के सहयोग से किया जा रहा है।
अनिल सिंह के अनुसार, “भारत के लगभग 800 जिलों में कार्यरत हजारों प्रशासनिक अधिकारियों के बीच से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। जिलाधिकारी केवल एक प्रशासक नहीं, बल्कि एक कुशल प्रबंधक और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता होता है, जो सरकार की नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाता है।”
चयन के 10 कड़े मानदंड
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा किया जा रहा यह सर्वेक्षण पूरी तरह वैज्ञानिक और बहुआयामी है। अधिकारियों का मूल्यांकन निम्नलिखित 10 प्रमुख बिंदुओं पर किया जा रहा है:
उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता
प्रभावी गवर्नेंस
दूरदर्शिता और नवाचार (Innovation)
जवाबदेह कार्यशैली
त्वरित निर्णय लेने की क्षमता
संकट प्रबंधन कौशल (Crisis Management)
संवेदनशीलता और गंभीरता
व्यवहार कुशलता
जनसंपर्क और संवाद क्षमता
विकासोन्मुख सोच
नयी पीढ़ी से जुड़ने की कोशिश
प्रधान संपादक धीरज भारद्वाज के नेतृत्व में फेम इंडिया ने हाल ही में अपने ‘तेवर और कलेवर’ में बड़ा बदलाव किया है ताकि पत्रिका को नई पीढ़ी की पसंद के अनुरूप बनाया जा सके। वर्तमान में देश भर के उत्कृष्ट जिलाधिकारियों का सर्वे अंतिम चरणों में है। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट्स, मीडिया विश्लेषण और स्टेकहोल्डर सर्वे को आधार बनाया गया है।
निष्कर्ष:
एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान के रूप में फेम इंडिया की यह पहल उन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। चयनित लोकप्रिय जिलाधिकारियों की सूची जल्द ही फेम इंडिया के आगामी विशेष अंक में प्रकाशित की जाएगी।






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