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अनादि टीवी यूपी की बड़ी लापरवाही: बसपा विधायक पर हुई छापेमारी, लेकिन न्यूज़ चैनल ने वरिष्ठ पत्रकार को लपेट दिया

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और मीडिया गलियारों में बुधवार को एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। मामला बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर हुई छापेमारी का था, लेकिन एक न्यूज़ चैनल की ‘डिजिटल लापरवाही’ के कारण चर्चा का केंद्र वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह बन गए।
​क्या है पूरा मामला?
​बुधवार को यूपी के विभिन्न हिस्सों में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की खबर आग की तरह फैली। तमाम मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया। इसी क्रम में अनादि टीवी (Anaadi TV) न्यूज़ चैनल ने भी इस खबर को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया।
​लेकिन, खबर पोस्ट करते समय चैनल के सोशल मीडिया डेस्क ने एक भारी ब्लंडर कर दिया। उन्होंने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की जगह, देश के जाने-माने और दिग्गज पत्रकार उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) को टैग करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पत्रकार उमाशंकर सिंह के पास छापेमारी से जुड़े नोटिफिकेशन की बाढ़ आ गई।
वरिष्ठ पत्रकार का चुटीला जवाब: “बख्श दो भाइयों…”
​मामला इतना पेचीदा और हास्यास्पद हो गया कि खुद वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने मेट्रो में सफर करते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की और बेहद मजाकिया लहजे में न्यूज़ चैनल की इस लापरवाही पर तंज कसा।
उमाशंकर सिंह ने ट्वीट कर लिखा:
​“अपने विला पर छापे की ख़बर के बाद मेट्रो में मुँह छिपा कर अज्ञात जगह की ओर जाते @umashankarsingh। बख्श दो भाइयों, मुझे टैग मत करो। इसका दसवाँ हिस्सा धन भी कभी मेरे पास आया तो सब में बराबर बाँट लूँगा। आई प्रोमिस!”
डिजिटल पत्रकारिता पर खड़े हुए सवाल
​अनादि टीवी की इस चूक ने डिजिटल मीडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
​वेरिफिकेशन की कमी: क्या खबर पोस्ट करने से पहले हैंडल की जांच नहीं की गई ?
​अंधी दौड़: ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ को सबसे पहले डालने के चक्कर में क्या तथ्यों और सही पहचान की बलि दी जा रही है?
​नाम का भ्रम: विधायक और पत्रकार का नाम एक जैसा होने के कारण एल्गोरिदम ने पत्रकार का नाम सुझाया, जिसे बिना सोचे-समझे चुन लिया गया।
निष्कर्ष
​यह घटना सोशल मीडिया के दौर में ‘सटीकता’ (Accuracy) के महत्व को दर्शाती है। जहाँ एक तरफ विधायक जी जांच के घेरे में हैं, वहीं दूसरी तरफ एक निर्दोष पत्रकार को चैनल की लापरवाही के कारण स्पष्टीकरण देना पड़ा। फिलहाल, उमाशंकर सिंह (पत्रकार) का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग न्यूज़ चैनल की इस ‘महान’ पत्रकारिता पर मजे ले रहे हैं।
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Author: media4samachar

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