नई दिल्ली: मीडिया जगत के दिग्गज और ‘भारत एक्सप्रेस’ न्यूज़ नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय ने एक ऐसी घोषणा की है जिसने हजारों पत्रकारों और सहारा न्यूज़ नेटवर्क के प्रशंसकों में नई उम्मीद जगा दी है। दिल्ली के होटल ललित में आयोजित ‘भारत एक्सप्रेस’ के मेगा कॉन्क्लेव में उन्होंने एलान किया कि सहारा अखबार और चैनल एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप में लौटने जा रहे हैं।
“सहारा मेरा पहला प्यार” – भावुक हुए उपेंद्र राय
अपने संबोधन की शुरुआत एक मशहूर शेर के साथ करते हुए उपेंद्र राय ने कहा, “भले ही हजार इश्क करो लेकिन ये ख्याल रहे तुम्हें पहले इश्क की बद्दुआ न लगे।” उन्होंने भावुक होते हुए स्वीकार किया कि सहारा न्यूज़ नेटवर्क और सहारा अखबार उनका ‘पहला प्यार’ है, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती 23 साल बिताए हैं।
सहाराश्री को सच्ची श्रद्धांजलि
उपेंद्र राय ने बताया कि उन्होंने सहारा प्रबंधन के साथ मिलकर यह बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा:
”सहारा की सभी कानूनी बाध्यताओं को ध्यान में रखते हुए और हजारों पत्रकारों की नौकरी सुरक्षित रखने के लिए मैंने इसे चलाने का निर्णय लिया है। सहाराश्री (सुब्रत रॉय) के प्रति यही मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
उन्होंने याद दिलाया कि सहाराश्री हमेशा कहते थे कि उन्हें मीडिया से मुनाफा नहीं चाहिए, बल्कि समाज की सेवा प्राथमिकता है।
प्रमुख घोषणाएं: क्या बदलेगा?
कॉन्क्लेव के दौरान उपेंद्र राय ने कुछ महत्वपूर्ण वादे किए:
- अखबार की वापसी: ‘विद इन अ मंथ’ (एक महीने के भीतर) सहारा अखबार पहले की तरह लोगों के घरों तक पहुंचने लगेगा।
- चैनलों का पुनरुद्धार: सहारा न्यूज़ नेटवर्क के सभी चैनलों को फिर से जीवित किया जाएगा।
- नौकरी की सुरक्षा: इस कदम से उन हजारों पत्रकारों का भविष्य सुरक्षित होगा जो लंबे समय से अनिश्चितता में थे।
पत्रकारिता में ‘लॉयल्टी’ (निष्ठा) पर जोर
उपेंद्र राय ने अपने संबोधन में आज के दौर के पत्रकारों को एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि वे इंटरव्यू के दौरान सबसे पहले ‘लॉयल्टी’ देखते हैं। जो पत्रकार हर 6 महीने में नौकरी बदलते हैं, वे बड़े काम के लिए नहीं बने होते। उन्होंने अष्टावक्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में बड़ा काम वही कर सकता है जिसके अंदर टिकने की गुंजाइश हो।
एआई (AI) और भविष्य की मीडिया
संबोधन के अंत में उन्होंने तकनीक पर भी बात की। उन्होंने कहा कि महज 3 साल पहले तक एआई का इतना प्रभाव नहीं था, लेकिन आज इसने हमारे जीवन और पत्रकारिता की कार्यशैली में आमूल चूल परिवर्तन कर दिया है।
निष्कर्ष:
उपेंद्र राय की इस घोषणा ने मीडिया इंडस्ट्री में एक नई हलचल पैदा कर दी है। सहारा की ब्रांड वैल्यू और उपेंद्र राय का अनुभव क्या मिलकर पुराना इतिहास दोहरा पाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।





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