नोएडा/लखनऊ | 11 मार्च, 2026
मुख्य बिंदु:
- गौतमबुद्ध नगर एडीजे कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला।
- साल 2018 के चर्चित राधिका कौशिक मामले में मिली क्लीन चिट।
- अदालत ने पुलिस के आरोपों को बताया ‘तर्कहीन’ और ‘आधारहीन’।
पूरा मामला और अदालती फैसला
राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकार और चर्चित एंकर राहुल अवस्थी के लिए न्याय की एक बड़ी जीत सामने आई है। गौतमबुद्ध नगर की जिला एवं सत्र अदालत (ADJ Court) ने राहुल अवस्थी को वर्ष 2018 के बहुचर्चित मामले में सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। 11 मार्च 2026 को आए इस फैसले में माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राहुल अवस्थी पर लगाए गए तमाम आरोप निराधार और तर्कहीन थे।
दिसंबर 2018 से अब तक का घटनाक्रम
गौरतलब है कि यह मामला दिसंबर 2018 का है, जब राहुल अवस्थी पर राधिका कौशिक की मृत्यु में संलिप्तता का आरोप लगा था। शुरुआती पुलिस जांच में ही यह संकेत मिल गए थे कि यह मामला हत्या (Section 302) का नहीं है, जिसके परिणामस्वरुप इसे धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज किया गया था।
गौतमबुद्ध नगर एडीजे कोर्ट के समक्ष चले लंबे ट्रायल के दौरान, बचाव पक्ष की दलीलों और सबूतों के अभाव को देखते हुए अदालत ने पाया कि पुलिस द्वारा पेश की गई थ्योरी में कोई दम नहीं था। कोर्ट ने राहुल अवस्थी को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए उन्हें ससम्मान बरी करने का आदेश दिया।
पत्रकारिता जगत का एक बड़ा चेहरा
राहुल अवस्थी राजस्थान और राष्ट्रीय मीडिया के एक जाने-माने हस्ताक्षर हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- ईटीवी (ETV)
- नेटवर्क 18 (Network 18)
- 1st इंडिया न्यूज (1st India News)
- ज़ी न्यूज (Zee News)
- समाचार प्लस (Samachar Plus)
वरिष्ठ पदों पर रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस फैसले के बाद मीडिया जगत और उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है, और इसे ‘सत्य की जीत’ के रूप में देखा जा रहा है।
संपादकीय टिप्पणी: राहुल अवस्थी का बेदाग निकलना उन सभी के लिए एक बड़ी राहत है जो लंबे समय से इस मामले के निष्पक्ष फैसले का इंतजार कर रहे थे।





Users Today : 8
Users Yesterday : 305