45 नई नियुक्तियां बिना स्वीकृति, 55 पुराने कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाने का आरोप; दस्तावेजी प्रक्रिया पर भी सवाल

न्यूज़ इंडिया चैनल में गहराए विवाद के बीच चेयरमैन/ अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधान संपादक राणा यशवंत पर नियुक्तियों में अनियमितता, कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाने और वैधानिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप भी लगाये। शैलेंद्र शर्मा चैनल के संरक्षक / पैट्रन के रूप में अपना योगदान देते रहेंगे। चेयरमैन पद पर जल्द ही किसी नए व्यक्ति की तैनाती की जाएगी। इस मामले में Media4samachar से शैलेंद्र शर्मा ने कॉल पर हुई वार्ता पर राणा यशवंत पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं साथ ही जरूरत पड़ने पर गंभीर धाराओं में राणा यशवंत पर मुकदमा भी दर्ज करवाएंगे
न्यूज़ इंडिया के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे के साथ जारी स्पष्टीकरण में उन्होंने संस्थान के भीतर हुई हालिया नियुक्तियों और प्रशासनिक निर्णयों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
शैलेंद्र शर्मा का आरोप है कि कंपनी में लगभग 45 लोगों को बिना किसी पूर्व स्वीकृति के श्री राणा यशवंत द्वारा नियुक्त कर लिया गया। इस संबंध में उन्हें पूर्व सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बार-बार आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद न तो इन नियुक्तियों की समीक्षा की गई और न ही संबंधित कर्मचारियों के आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नियुक्तियां सीमित संख्या में होतीं तो आंतरिक स्तर पर समाधान संभव था, लेकिन बड़ी संख्या में बिना औपचारिक प्रक्रिया के लोगों को जोड़ना संस्थान के लिए गंभीर प्रशासनिक विषय बन गया। उनके अनुसार संबंधित अधिकारी राणा यशवंत का स्पष्ट रुख था कि बिना डॉक्यूमेंट नियुक्त किए गए लोग संस्थान में बने रहेंगे।
दूसरी ओर, लगभग 55 पुराने कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि न तो नोटिस पीरियड का पालन किया गया और न ही निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई। कुछ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की बात भी उन्होंने कही, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कंटेंट की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उनके अनुसार नए स्टाफ और उनके व्यक्तिगत इंटरव्यू के अलावा कोई सार्थक सामग्री प्रकाशित नहीं की गई। असहमति जताने वाले कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाया गया और प्रबंधन को इसकी सूचना तक नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को केवल ऑफर लेटर के आधार पर जॉइन कराया गया, जबकि अपॉइंटमेंट लेटर, जॉइनिंग लेटर या अन्य वैधानिक दस्तावेज जारी नहीं किए गए। कार्यक्रमों और शो का आवंटन भी मनमाने तरीके से किया गया और असहमति की स्थिति में तत्काल निष्कासन कर दिया गया।
शैलेंद्र शर्मा के अनुसार उन्होंने लगभग एक माह तक धैर्य बनाए रखा और औपचारिकताओं को पूरा करने के आश्वासन पर भरोसा किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्हें आशंका है कि भविष्य में वेतन या वैधानिक मामलों को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होने पर संस्थान और उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।


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