दिल्ली: जागरण प्रकाशन लिमिटेड (Jagran Prakashan Limited) को हरियाणा के हिसार स्थित एक्साइज एवं टैक्सेशन ऑफिसर की ओर से कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। यह नोटिस कथित तौर पर ₹21.73 लाख के टैक्स बकाये से जुड़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में बताया कि उसे यह नोटिस 26 अगस्त 2026 को प्राप्त हुआ है।
वित्त वर्ष 2020-21 का है मामला
कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह मामला वित्त वर्ष 2020-21 से संबंधित है और मुख्य रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने की पात्रता से जुड़ा है। टैक्स विभाग ने नोटिस में ₹21.73 लाख की GST मांग के अलावा Central Goods and Services Tax (CGST) Act, 2017 की धारा 50 के तहत ब्याज और धारा 74 के तहत पेनल्टी लगाने को लेकर जवाब मांगा है।
कंपनी का पक्ष: ‘मामला टिकाऊ नहीं, कानूनी पक्ष मजबूत’
जागरण प्रकाशन ने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद कंपनी का यह मानना है कि नोटिस में उठाई गई मांग आधारहीन है और टिकाऊ नहीं है। कंपनी के अनुसार, इस पूरे मामले में उसका पक्ष काफी मजबूत है। जागरण प्रकाशन निर्धारित समय सीमा के भीतर नोटिस का जवाब दाखिल करेगी और यदि आवश्यकता पड़ी, तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का भी इस्तेमाल करेगी।
कारोबार और वित्तीय स्थिति पर प्रभाव नहीं
कंपनी ने शेयरधारकों और निवेशकों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया है कि इस नोटिस का उसके वित्तीय प्रदर्शन, दैनिक कारोबार या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कानूनी सलाह के आधार पर कंपनी को इस मामले से किसी तत्काल वित्तीय नुकसान की आशंका नहीं है।
जागरण प्रकाशन ने यह स्पष्टीकरण SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations के Regulation 30 के तहत शेयर बाजारों (BSE और NSE) को दी गई अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में दिया है।




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