उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की समन्वय बैठक में लिया गया निर्णय; पत्रकारों के लिए पेंशन, आवास और ₹1 करोड़ के हेल्थ कवर समेत उठाई गईं प्रमुख माँगें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर है। अब जिला स्तर के मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू (LIU) जाँच नहीं कराई जाएगी। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने इस संबंध में पूर्व में जारी आदेशों को जल्द से जल्द निरस्त करने का निर्णय लिया है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय सूचना निदेशालय के कांफ्रेंस हॉल में सूचना निदेशक विशाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की समन्वय बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से जुड़ी समस्याओं और उनके सामाजिक-आर्थिक हितों से संबंधित माँग पत्र प्रस्तुत किया।
📌 सभी लंबित माँगों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश
समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी और सचिव भारत सिंह ने जिला मान्यता प्राप्त पत्रकारों की दोबारा एलआईयू जाँच का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सूचना निदेशक विशाल सिंह ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का आदेश दिया।
निदेशक ने बैठक में मौजूद अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र को निर्देश दिए कि समिति द्वारा उठाई गई सभी माँगों का परीक्षण कर उनका समयबद्ध और तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
📋 बैठक में रखी गईं 9 प्रमुख माँगें
समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि “पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उनकी सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी माँगों का समाधान होना आवश्यक है।”
समिति द्वारा सूचना निदेशक के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे गए:
- पेंशन सुविधा: 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पत्रकारों को पेंशन का लाभ प्रदान किया जाए।
- आवास एवं प्लॉट आवंटन: पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए फ्लैट, प्लॉट तथा सरकारी आवास आवंटन की पारदर्शी व्यवस्था बने।
- स्वतः श्रेणी परिवर्तन: राज्य व जिला मुख्यालय के पत्रकारों के सेवानिवृत्ति आयु पर पहुँचने पर उनकी मान्यता को स्वतः ‘वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार’ (Senior/Independent Journalist) की श्रेणी में बदला जाए।
- स्वास्थ्य सुरक्षा व सहायता में बढ़ोतरी:
- पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए आयुष्मान कार्ड कैंप आयोजित किए जाएँ और कैशलेस कार्ड जारी हों।
- SGPGI में विशेष चिकित्सकीय व्यवस्था हो तथा गंभीर बीमारी/इलाज हेतु सहायता राशि को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ किया जाए।
- मान्यता समिति का गठन: नए व लंबित मान्यता मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु मान्यता समिति का गठन हो।
- पारिश्रमिक व प्रकाशन: स्वतंत्र/वरिष्ठ पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्टों के समाचारों, आलेखों व फोटो सामग्री को सरकारी पत्र-पत्रिकाओं में स्थान देकर उचित पारिश्रमिक दिया जाए।
- बकाया भुगतान: दारुलशफा स्थित ए-ब्लॉक में फोटोग्राफरों के कार्यालय से संबंधित बकाए का निस्तारण हो।
👥 बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी व पत्रकार रहे मौजूद
समिति के सचिव भारत सिंह ने कहा कि ये माँगें राज्य भर के पत्रकारों के व्यापक हित और उनकी सुरक्षा से जुड़ी हैं।
इस समन्वय बैठक में सूचना विभाग की ओर से अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक अमित यादव, और वित्त नियंत्रक संजय सिंह उपस्थित रहे। वहीं, समिति की ओर से उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा, अविनाश मिश्रा, राघवेंद्र त्रिपाठी, संयुक्त सचिव विजय कुमार त्रिपाठी, अनिल सैनी, कार्यकारिणी सदस्य रीतेश सिंह, अब्दुल वहीद, रेनू निगम, वेद प्रकाश दीक्षित, राघवेंद्र प्रताप सिंह, नवेद शिकोह, और सत्येंद्र कुमार राय सहित कई वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।





Users Today : 37
Users Yesterday : 92