नोएडा/उत्तर प्रदेश (31 जुलाई 2026): कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा द्वारा सेक्टर-27 स्थित आईटीसी फॉर्च्यून होटल में ‘छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों’ (Exempted Establishments) के लिए एक दिवसीय विशाल कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और ईपीएफओ के बीच आपसी संवाद को मजबूत करना तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, ईपीएफ स्कीम-2026, एमनेस्टी स्कीम-2026 और पीएफ ट्रस्टों के निवेश प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर नोएडा, बरेली, आगरा, मेरठ और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के प्रमुख प्रतिष्ठानों व पीएफ ट्रस्टों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रमुख बिंदु (Highlights):
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 व ईपीएफ स्कीम 2026: नए प्रावधानों, डिजिटल रिकॉर्ड और पारदर्शी अनुपालन पर विस्तृत चर्चा की गई।
- एमनेस्टी स्कीम-2026: बिना औपचारिक छूट अधिसूचना वाले पात्र पीएफ ट्रस्टों को नियमितीकरण (Retrospective Trust Regularisation) के लिए 6 महीने का विशेष अवसर प्रदान किया गया है।
- सुरक्षित निवेश रणनीति: पीएफ फंड की सुरक्षा, सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स और संतुलित विविधीकरण पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित हुआ।
- कॉफी टेबल बुक का विमोचन: कार्यक्रम के समापन अवसर पर कॉफी टेबल बुक जारी की गई और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
प्रारंभिक सत्र और स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रारंभिक उद्बोधन में नोएडा के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री सुयश पांडे ने कहा कि बदलते श्रम कानूनों और डिजिटल गवर्नेंस के इस दौर में उद्योगों व ईपीएफओ के बीच पारदर्शी संवाद और समयबद्ध अनुपालन अनिवार्य है।
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और नई ईपीएफ नीति पर जानकारी
उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री पवन कुमार सिंह ने मुख्य प्रस्तुति देते हुए बताया कि नई व्यवस्था के तहत पीएफ छूट प्रदान करने और उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाया गया है।
- प्रारंभिक छूट अवधि: नए नियमों के तहत प्रारंभिक छूट 3 वर्षों के लिए प्रभावी होगी, जिसका शर्तों की पूर्ति पर नवीनीकरण किया जा सकेगा।
- पात्रता मानक: उन्होंने 500 अंशदान करने वाले सदस्यों और ₹250 करोड़ के संचयी कोष (Cumulative Fund) जैसे प्रस्तावित मानकों का जिक्र किया।
- डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था: प्रतिष्ठानों के लिए डिजिटल रिकॉर्ड रखरखाव, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, सांविधिक ऑडिट और छूट समाप्त होने की स्थिति में कर्मचारियों के फंड का सुरक्षित हस्तांतरण अनिवार्य किया गया है।
एमनेस्टी स्कीम-2026: पीएफ ट्रस्टों के लिए सुनहरा मौका
श्री पवन कुमार सिंह ने एमनेस्टी स्कीम-2026 के बारे में बताते हुए कहा कि यह उन संस्थानों के लिए ‘वन-टाइम’ (एकबारगी) अवसर है, जो आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट तो चलाते हैं, लेकिन उनके पास औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। ऐसे पात्र ट्रस्ट अधिसूचना की तिथि से 6 महीने की समय-सीमा के भीतर पूर्वव्यापी नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पीएफ फंड सुरक्षा और निवेश प्रबंधन पर मार्गदर्शन
केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के सदस्य श्री विनीत नाहटा ने विशेष तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों का भविष्य निधि फंड उनकी सामाजिक सुरक्षा की मुख्य आधारशिला है। उन्होंने ट्रस्टों को सलाह दी कि वे सरकारी प्रतिभूतियों, सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स और अन्य सुरक्षित साधनों में संतुलित निवेश करें ताकि पूंजी सुरक्षा के साथ बेहतर रिटर्न मिल सके।
सीबीटी सदस्य श्री आशीष मोहन विग ने ट्रस्ट प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुपालन के महत्व पर जोर दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश जोन के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री उदय बख्शी ने कहा कि नए कानून अनुपालन प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएंगे।
संवाद सत्र, कॉफी टेबल बुक विमोचन एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यशाला के दौरान आयोजित एक संवादात्मक सत्र (Q&A Session) में ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्यमियों और पीएफ ट्रस्ट प्रतिनिधियों के व्यावहारिक प्रश्नों व शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया। सभी नियोक्ताओं ने ईपीएफओ द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया और मुख्य अतिथियों तथा उपस्थित प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II (नोएडा) श्री कुमार राघवेंद्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
प्रमुख शामिल संस्थान
इस कार्यशाला में क्षेत्र के कई दिग्गज औद्योगिक व शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख हैं:
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, डाबर इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), इफ्को (आंवला), बजाज हिंदुस्तान शुगर, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी दादरी, भारत सरकार मिंट, भारतीय खाद्य निगम (FCI), होंडा इंडिया पावर प्रोडक्ट्स, टाइमेक्स वॉचेज़, धामपुर शुगर मिल्स, श्रीराम पिस्टन एंड रिंग्स, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एवं पब्लिक स्कूल तथा मोदीकेयर लिमिटेड आदि।





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