Atharva Dwivedi-Media4samachar
झारखंड के जमशेदपुर में दर्ज एक निवेश धोखाधड़ी मामले ने फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति जगत में हलचल मचा दी है। इस मामले में बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी के नाम एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। यह मामला एक कथित निवेश घोटाले से जुड़ा है, जिसमें निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एफआईआर जमशेदपुर की एक स्थानीय अदालत के आदेश पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप है कि गाजियाबाद स्थित कंपनी ‘मैक्सिज़ोन टच प्राइवेट लिमिटेड’ ने निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर पैसा लगवाया, लेकिन तय समय पर न तो रिटर्न दिया गया और न ही मूलधन लौटाया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कंपनी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए इन नामी हस्तियों की लोकप्रियता और छवि का इस्तेमाल अपने प्रचार में किया।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के प्रमोशनल इवेंट्स और मार्केटिंग सामग्री में इन मशहूर नामों का उल्लेख किया गया, जिससे आम निवेशकों को योजना पर भरोसा हो गया। निवेशकों का कहना है कि सेलेब्रिटी चेहरों के कारण उन्होंने इस योजना को सुरक्षित और विश्वसनीय समझा, लेकिन बाद में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इस घोटाले में कंपनी के निदेशक चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, कंपनी कथित तौर पर एक फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल के ज़रिए अवैध रूप से धन इकट्ठा कर रही थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी और सेलेब्रिटी नामों का इस्तेमाल किस हद तक जानबूझकर किया गया।
फिलहाल इस मामले में जिन कलाकारों और सांसद का नाम सामने आया है, उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों व सबूतों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि निवेश योजनाओं के प्रचार में मशहूर हस्तियों की भागीदारी कितनी ज़िम्मेदारी के साथ होनी चाहिए। साथ ही यह भी साफ करता है कि नाम और लोकप्रियता के भरोसे निवेश करना आम लोगों के लिए कितना जोखिम भरा साबित हो सकता है।





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