
जयपुर: राजस्थानी भाषा, संस्कृति और लोकजीवन को समर्पित 24×7 एंटरटेनमेंट एवं पॉजिटिव न्यूज चैनल ‘गणगौर टेलीविजन’ का 19 मार्च को पुनः भव्य शुभारंभ(री-लॉन्च) किया गया
यह कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री निवास, जयपुर में आयोजित हुआ,जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डिजिटल माध्यम (आई-पैड) के जरिए बटन दबाकर चैनल की औपचारिक शुरुआत किया
यह अवसर प्रदेशभर के राजस्थानी भाषा प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है,क्योंकि लंबे समय से मातृभाषा में समर्पित एक सशक्त मीडिया मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। चैनल के चेयरमैन डॉ. जगदीश चंद्र ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दी और पूरी टीम को बधाई दी।
‘गणगौर टेलीविजन’ के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अरोड़ा (सेवानिवृत्त आईएएस) की दूरदर्शी सोच और विजन का यह परिणाम है। उनका मानना है कि जब तक आमजन तक सूचना उनकी अपनी मातृभाषा में नहीं पहुंचेगी, तब तक उसका प्रभाव पूर्ण रूप से नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ ‘गणगौर टेलीविजन’ को एक मजबूत राजस्थानी मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जो भाषा, संस्कृति और जनसंवाद को नई पहचान देने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा
चैनल के प्रमुख कार्यक्रमों में ‘चोखी खबरा’ राजस्थानी समाचार बुलेटिन शामिल है, जिसके अंतर्गत हर घंटे 10 मिनट का न्यूज अपडेट प्रसारित किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन शाम 7:00 से 7:30 बजे तक प्राइम टाइम में 30 मिनट का विशेष समाचार बुलेटिन प्रसारित होगा, जिसमें राज्य सरकार की सकारात्मक और विकासात्मक खबरों पर विशेष फोकस रहेगा।
चैनल पर ‘आओ जाणां कांई केवे मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री के भाषणों और संदेशों को राजस्थानी भाषा में रूपांतरित कर प्रस्तुत किया जाएगा। यह कार्यक्रम आवश्यकता अनुसार प्रमुख राजस्थानी बोलियों मारवाड़ी, शेखावाटी, ढूंढाड़ी और ब्रज में प्रसारित होगा। इसकी अवधि 30 मिनट होगी, जिसका प्रसारण समय सायं 7:30 बजे तथा पुनः प्रसारण सुबह 11:00 बजे होगा।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के विज्ञापनों को भी राजस्थानी भाषा में रूपांतरित कर प्रसारित किया जाएगा, जिससे योजनाओं की जानकारी ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। साथ ही मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के राजस्थानी भाषा में उपलब्ध भाषणों और बाइट्स को विशेष प्राथमिकता के साथ प्रसारित किया जाएगा।
‘गणगौर टेलीविजन’ का यह पुनः शुभारंभ केवल एक चैनल का लॉन्च नहीं, बल्कि राजस्थानी भाषा, संस्कृति और जनसंवाद को सशक्त बनाने की एक ऐतिहासिक पहल है। यह मंच आने वाले समय में राजस्थानी भाषा को मुख्यधारा मीडिया में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा संविधान की 8वीं अनुसूची में राजस्थानी भाषा को शामिल करवाने का प्रयास करेगा।



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