Atharva Dwivedi-Media4samachar Noida
हक के निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने हाल ही में फिल्म को मिल रही अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म को पाकिस्तान समेत कई देशों में जबरदस्त चर्चा मिल रही है, क्योंकि इसका विषय किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानी भावनाओं और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
सुपर्ण वर्मा के मुताबिक, भले ही हक पाकिस्तान में आधिकारिक रूप से रिलीज़ नहीं हुई है, फिर भी वहां के दर्शक इसे अलग-अलग माध्यमों से देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं के बीच फिल्म को लेकर काफी बातचीत हो रही है, जहां लोग इसके डायलॉग्स और सीन पर रील्स और पोस्ट बना रहे हैं।
निर्देशक का कहना है कि उन्होंने इस फिल्म को शुरू से ही वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाया था। उनका मकसद सिर्फ भारतीय ऑडियंस तक पहुंचना नहीं था, बल्कि ऐसी कहानी पेश करना था, जिससे दुनिया के किसी भी कोने का दर्शक खुद को जोड़ सके। यही वजह है कि हक को पाकिस्तान के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, दुबई, कनाडा और अन्य देशों में भी सराहना मिल रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि जब किसी फिल्म की कहानी लोगों के दिल तक पहुंचती है, तो सीमाएं अपने आप टूट जाती हैं। सुपर्ण वर्मा ने कहा कि उन्हें खुद हैरानी हुई जब उन्होंने अलग-अलग देशों से आ रही प्रतिक्रियाएं देखीं, खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जहां लोग फिल्म के संदेश पर खुलकर बात कर रहे हैं।
हक एक संवेदनशील सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म है, जो महिलाओं के अधिकार और न्याय की लड़ाई को सामने लाती है। यही वजह है कि यह सिर्फ एक मनोरंजन फिल्म नहीं रह जाती, बल्कि दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है और भावनात्मक स्तर पर भी गहरा असर छोड़ती है।
कुल मिलाकर, सुपर्ण वर्मा मानते हैं कि अगर कहानी सच्ची भावना के साथ कही जाए, तो वह किसी भी भाषा या देश की सीमा में नहीं बंधती। हक को मिल रही वैश्विक प्रतिक्रिया इसी बात का सबूत है कि मजबूत विषय और ईमानदार प्रस्तुति आज भी दुनिया भर के दर्शकों को जोड़ सकती है।





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