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लखनऊ के पॉश इलाकों में ‘मेल एस्कॉर्ट’ का नेटवर्क; समिट बिल्डिंग से लेकर फन मॉल तक रात होते ही सजती है अय्यासी की मंडी

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लखनऊ : राजधानी लखनऊ का सबसे हाई-प्रोफाइल इलाका गोमती नगर देर रात ढलते ही एक अलग ही गतिविधि का गवाह बनता है। समिट बिल्डिंग से लेकर फन मॉल के आसपास के इलाकों में एक संगठित ‘मेल एस्कॉर्ट’ (जिगोलो) नेटवर्क सक्रिय है। दिन के उजाले में सामान्य दिखने वाले ये इलाके देर रात होते ही इस नेटवर्क के ठिकाने में तब्दील हो जाते हैं।

​स्पॉट पर खड़े होने के लिए देना पड़ता है ‘डेली चार्ज’

​इस धंधे से जुड़े एक मेल एस्कॉर्ट ने नाम न छापने की शर्त पर इस नेटवर्क की अंदरूनी कार्यप्रणाली का खुलासा किया है। उसने बताया कि किसी भी तय जगह पर खड़े होने की इजाजत ऐसे ही नहीं मिलती।

​”हम लोग जिस स्पॉट पर खड़े होते हैं, वहां अपने नेटवर्क के सीनियर्स को बाकायदा रोजाना का चार्ज देना पड़ता है। अलग-अलग इलाकों के अलग-अलग रेट हैं—कहीं 2,000 रुपये तो कहीं 3,000 रुपये प्रतिदिन। अगर हम स्पॉट पर खड़े हुए, तो पैसा देना ही पड़ेगा।”

 

​’रेफरेंस’ पर टिका है नेटवर्क, बड़े घरानों तक पहुंच

​इस धंधे में ज्यादातर बुकिंग सीधे न होकर ‘रेफरेंस’ (सिफारिश) के आधार पर होती हैं। नेटवर्क का दावा है कि उनके क्लाइंट्स में ज्यादातर रसूखदार और बड़े घरानों की महिलाएं शामिल होती हैं।

  • सुरक्षा और गोपनीयता: जब कोई क्लाइंट सेवा से संतुष्ट होती है, तो वह अपने नेटवर्क की दूसरी महिलाओं को इसका रेफरेंस देती है।
  • भरोसा: रेफरेंस के जरिए काम मिलने से पहली बार बुलाने वाली महिलाओं को सुरक्षा महसूस होती है और जोखिम काफी कम हो जाता है।
  • ठगी, ब्लैकमेलिंग और कानून का खतरा

    ​भले ही यह नेटवर्क खुद को गोपनीय और सुरक्षित बताए, लेकिन इस तरह की गतिविधियों के पीछे कई बड़े खतरे छिपे हैं:

      • साइबर और रजिस्ट्रेशन फ्रॉड: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जिगोलो क्लब के नाम पर युवाओं से ‘एडवांस पेमेंट’ और ‘मेडिकल फीस’ के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की जाती है।
      • ब्लैकमेलिंग का डर: इस तरह के असंगठित और गुप्त सौदों में आगे चलकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का भारी जोखिम रहता है।
      • पुलिस की कार्रवाई: गोमती नगर और समिट बिल्डिंग के आसपास देर रात चलने वाली ऐसी गतिविधियों पर लखनऊ पुलिस और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की कड़ी नजर रहती है।

    प्रशासन की सलाह: इस प्रकार के किसी भी अवैध नेटवर्क, ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी की शिकायत तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर दर्ज कराएं।

​रेट कार्ड: 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का खेल

​इस नेटवर्क में एस्कॉर्ट्स की फीस उनके प्रोफाइल और समय के हिसाब से तय की जाती है:

सेवा की अवधि

सामान्य चार्ज

हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट्स का चार्ज

शॉर्ट टाइम (2-4 घंटे)

₹10,000 – ₹12,000

फुल नाइट (पूरी रात)

₹20,000

₹30,000 – ₹50,000

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Author: media4samachar

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