Home » टीवी » सवाल पूछना हक है या पीछा करना बदतमीजी? एंकर चित्रा त्रिपाठी के वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस

सवाल पूछना हक है या पीछा करना बदतमीजी? एंकर चित्रा त्रिपाठी के वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस

105 Views

अंजलि त्रिवेदी Media4samachar Desk

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एबीपी न्यूज की सीनियर एंकर व वाइस प्रेसिडेंट चित्रा त्रिपाठी का एक 25 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने डिजिटल मीडिया के दौर में ‘रिपोर्टिंग की मर्यादा’ और ‘सेलिब्रिटी जर्नलिस्ट्स की निजता’ के बीच की लकीर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​क्या है पूरा मामला ?

वीडियो में देखा जा सकता है कि चित्रा त्रिपाठी सड़क पर पैदल चल रही हैं, तभी एक युवक माइक लेकर उनके पीछे दौड़ते हुए सवाल पूछने लगता है। शुरुआत में चित्रा मुस्कुराकर आगे बढ़ती हैं, लेकिन युवक का आक्रामक ढंग से पीछा करना जारी रहता है। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब चित्रा ने मुड़कर युवक को कड़ा जवाब दिया और उसका माइक हटाने का प्रयास किया।

​बहस के दो पहलू:

​डिजिटल क्रिएटर्स का तर्क: वीडियो बनाने वाले युवक का कहना है कि एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते एंकर को सवालों के जवाब देने चाहिए।

​मीडिया विशेषज्ञों का मत:

जानकारों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति का—चाहे वह सार्वजनिक हस्ती ही क्यों न हो—इस तरह पीछा करना पत्रकारिता के दायरे में नहीं आता। यह ‘स्टॉकिंग’ और ‘हैरेसमेंट’ की श्रेणी में आता है।

Media4samachar का नजरिया:

पत्रकारिता का धर्म सवाल पूछना है, लेकिन सवाल पूछने का तरीका और स्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्या माइक हाथ में होने से किसी को भी राह चलते व्यक्ति को असहज करने का लाइसेंस मिल जाता है? या फिर मुख्यधारा के पत्रकारों को जनता के बीच अधिक सहनशील होने की जरूरत है?

media4samachar
Author: media4samachar

Live Cricket

Daily Astrology