नई दिल्ली/लखनऊ: देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (UNI) इन दिनों खबरों से ज्यादा अपने आंतरिक विवादों को लेकर चर्चा में है। ताजा मामला सीनियर वीडियो एडिटर प्रभजोत चौहान का है, जिन्हें अनुबंध (Contract) समाप्त होने से पहले ही कथित तौर पर संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। प्रभजोत ने अब इस अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रभजोत चौहान ने 12 जनवरी 2026 को UNI में बतौर सीनियर वीडियो एडिटर जॉइन किया था। उनके अनुसार, ‘द स्टेट्समैन’ द्वारा टेकओवर किए जाने के बाद उन्होंने संस्थान के वीडियो और ग्राफिक फॉर्मेट को पूरी तरह बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन संस्थान में एक ‘करीबी दोस्त की बेटी’ (हेमलता) की एंट्री के बाद समीकरण बदल गए।
बिना पद ‘सुपर बॉस’ की भूमिका पर सवाल
प्रभजोत का आरोप है कि हेमलता नामक महिला, जिनका संस्थान में कोई आधिकारिक पद स्पष्ट नहीं है, प्रबंधन के निर्णयों को प्रभावित कर रही हैं। प्रभजोत के अनुसार:
सबसे पहले उनके विभाग के हेड (HOD) को हटाया गया।
हेमलता द्वारा ‘अपनी टीम’ बनाने और ऑफिस पॉलिटिक्स का हिस्सा बनने का दबाव बनाया गया।
विरोध करने पर प्रभजोत को कार्यक्षमता (Performance) का बहाना बनाकर 27 फरवरी को निकाल दिया गया।
”जब मैंने अचानक निकाले जाने का कारण पूछा, तो कहा गया कि आपकी सैलरी के अनुसार आपका काम वैसा नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि मैंने पूरा फॉर्मेट सेट किया था। यह विशुद्ध रूप से ईगो का मामला है।” – प्रभजोत चौहान
कर्मचारियों में पनप रहा है असंतोष
Media4samachar को मिली जानकारी के अनुसार, UNI में फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है।
किसी को यह स्पष्ट नहीं है कि बिना किसी आधिकारिक पद के कोई व्यक्ति छंटनी जैसे बड़े निर्णय कैसे ले रहा है। प्रभजोत के अलावा कुछ अन्य पुराने कर्मियों को भी इसी तरह बाहर किया गया हैं
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
प्रभजोत चौहान ने स्पष्ट किया है कि वह इस ‘जबरन निष्कासन’ के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने मामले को कोर्ट ले जाने और श्रम कानूनों के उल्लंघन के तहत न्याय मांगने की तैयारी शुरू कर दी है।




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