स्वर्गीय पत्रकार रजत अमरनाथ से 35 लाख लेकर नहीं लौटाए, इलाज के वक्त भी नहीं पसीजा दिल, बेटी लावण्या शर्मा का आरोप
कुछ दिन पहले ही न्यूज इंडिया चैनल में यूसुफ अंसारी कि नियुक्ति चैनल के प्रधान संपादक राणा यशवंत ने किया हैं,ऐसे फ्रॉडियल संपादकों का साथ आखिर चैनल में राणा यशवंत ने क्यों दिया ये सबसे बड़ा सवाल हैं




वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रजत अमरनाथ की सुपुत्री और पत्रकार लावण्या शर्मा ने न्यूज़ इंडिया चैनल में कार्यरत पत्रकार यूसुफ अंसारी पर Media4samachar से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यूसुफ अंसारी ने उनके पिता से कम से कम 35 लाख रुपये नकद और अलग-अलग समय पर लिए, जो उनके परिवार की पूरी जमापूंजी थी, लेकिन न तो पैसे लौटाए और न ही बीमारी व मृत्यु के समय कोई इंसानियत दिखाई।
लावण्या शर्मा के अनुसार, यूसुफ अंसारी वर्षों तक उनके पिता से भावनात्मक दबाव और मीठी-रुआंसी बातों के जरिए पैसे लेता रहा। कभी मां को हज पर भेजने के नाम पर, कभी बच्चों की फीस के लिए, कभी घर खर्च, तो कभी किसी ऑपरेशन का बहाना बनाया गया। स्वर्गीय रजत अमरनाथ भावुक स्वभाव के थे और मदद के नाम पर बार-बार पैसे देते चले गए। यह सिलसिला कम से कम वर्ष 2018 तक चलता रहा और धीरे-धीरे छोटी-छोटी रकम लाखों में बदल गई।
परिवार का आरोप है कि 2020 में जब रजत अमरनाथ को ब्रेन स्ट्रोक आया और अस्पताल का खर्च लगातार बढ़ने लगा, तब उनके बेटे ने यूसुफ अंसारी से कहा कि पापा की हालत बेहद गंभीर है और इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, इसलिए कम से कम कुछ रकम वापस कर दी जाए। इस पर यूसुफ अंसारी ने अस्पताल में भर्ती रजत अमरनाथ की फोटो भेजने को कहा और दावा किया कि वह चंदा इकट्ठा करवा देगा। यानी अपने ही दिए गए पैसों के लिए परिवार से चंदा मांगने को कह दिया गया।
लावण्या शर्मा का कहना है कि उन्होंने खुद कई बार फोन किए, मैसेज भेजे, बैंक डिटेल्स तक साझा कीं, लेकिन यूसुफ अंसारी ने आज तक एक फूटी कौड़ी तक वापस नहीं की। इलाज के दौरान, जब अस्पताल के बिल बढ़ते जा रहे थे, तब भी उन्होंने बार-बार गुहार लगाई, मगर यूसुफ अंसारी की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। आरोप है कि मरते दम तक रजत अमरनाथ ने भी कोशिश की कि शायद अंतिम दिनों में परिवार को कुछ राहत मिल जाए, लेकिन यूसुफ अंसारी पूरी तरह बेरुखा बना रहा।
लावण्या शर्मा का कहना है कि पिता के निधन को एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन यूसुफ अंसारी ने न तो पैसे लौटाए, न किसी तरह की मदद की और न ही झूठी संवेदना जताने के लिए एक बार फोन या संदेश तक किया। उनके मुताबिक यह केवल पैसे का मामला नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्ते और इंसानियत के साथ किया गया धोखा है।
लावण्या शर्मा ने अपनी पूरी चिट्ठी सार्वजनिक करते हुए यह भी बताया है कि उनके पास व्हाट्सऐप चैट्स और स्क्रीनशॉट मौजूद हैं, जिनमें उनके पिता स्वर्गीय रजत अमरनाथ द्वारा यूसुफ अंसारी से पैसे वापस मांगने के संदेश साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। एक स्क्रीनशॉट में रजत अमरनाथ की ओर से भेजा गया भावुक संदेश भी है, जिसमें उन्होंने बीमारी और आर्थिक तंगी के बावजूद मदद की अपील की थी।





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