विशेष रिपोर्ट | नोएडा दिल्ली-एनसीआर और विशेष रूप से नोएडा की ‘मीडिया मंडी’ से संचालित हाल ही में लॉन्च हुए एक नए हिंदी न्यूज़ चैनल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। चैनल के संचालन और ब्रॉडकास्टिंग को लेकर प्रशासनिक और कानूनी मोर्चों पर एक साथ कई सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस चैनल के संबंध में सूचना एवं प्रसारण विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों में एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन दाखिल किया गया है।
दूसरी ओर, सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि दिल्ली कोर्ट में एक स्थापित मीडिया संस्थान/चैनल मालिक द्वारा इस नए चैनल के प्रमोटरों और मालिकों के खिलाफ पहले से ही एक दीवानी व आपराधिक मुकदमा (Lawsuit) दर्ज कराया जा चुका है।
RTI के जरिए अनुमतियों और लाइसेंस पर उठे सवाल
सूचना विभाग में दाखिल की गई RTI में चैनल की वैधानिक स्थिति को लेकर कई अहम जानकारियां मांगी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इस RTI के माध्यम से मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है:
- सैटलाइट व अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग लाइसेंस: क्या चैनल के पास ब्रॉडकास्टिंग के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) से वैध अनुमति और लाइसेंस प्राप्त है?
- कार्यालय संचालन व प्रशासनिक क्लीयरेंस: नोएडा स्थित स्टूडियो और कॉर्पोरेट ऑफिस के संचालन के लिए ली गई आवश्यक एनओसी (NOC) और प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति।
- कंपनी शेयरहोल्डिंग व फंडिंग: चैनल की पेरेंट कंपनी की संरचना और उसमें शामिल निदेशकों (Directors) का ब्यौरा।
दिल्ली कोर्ट में मालिकाना हक और कॉपीराइट को लेकर विवाद
प्रशासकीय जांच के साथ-साथ चैनल प्रबंधन कानूनी पचड़े में भी फंसता दिख रहा है। सूत्रों का दावा है कि दिल्ली की अदालत में दर्ज मुकदमे में नए चैनल के मालिकों पर अनुबंध उल्लंघन (Breach of Contract), ट्रेडमार्क/कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि चैनल की लॉन्चिंग से पहले ही इससे जुड़े कुछ प्रमुख चेहरों और वित्तीय साझेदारों का पूर्ववर्ती संस्थानों के साथ विवाद चल रहा था, जिसे लेकर मामला कोर्ट पहुंचा।
मीडिया गलियारे में हलचल, प्रसारण पर लटकी तलवार!
नोएडा (फिल्म सिटी) और आसपास के मीडिया सर्कल्स में इस नए चैनल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। जानकारों का मानना है कि यदि सूचना विभाग और अदालत की ओर से कोई सख्त रुख अपनाया जाता है, तो चैनल के ऑन-एयर प्रसारण, केबल/डीटीएच डिस्ट्रीब्यूशन और कॉर्पोरेट इमेज पर गहरा असर पड़ सकता है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर चैनल के नए प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामला सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें सूचना विभाग के जवाब और दिल्ली कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।





Users Today : 35
Users Yesterday : 92