रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल अपने ही पत्रकारों का भरोसा गंवा रहा है। पिछले दो महीनों में चैनल से बड़े पैमाने पर कर्मचारी इस्तीफ़ा दे चुके हैं, जिनमें आउटपुट, इनपुट, पीसीआर से लेकर एंकर तक शामिल हैं।
पिछले महीने ही हिंदी और इंग्लिश चैनलों के कई विभागों से मिलाकर दो ढाई दर्जन कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी। इनमें पीसीआर से डायरेक्टर अनिल, साउंड से अशोक, आउटपुट से मयंक, एंकरों में पुनीता सिंह, प्रगति शर्मा, श्वेता त्रिपाठी, सुमित चौधरी और इनपुट से हिमांशु का नाम प्रमुख है।
इस महीने अब तक दर्जन भर कर्मचारी चैनल छोड़ चुके हैं, जिनमें आउटपुट से रवि (जो सुबह की शिफ्ट संभालते थे), ट्विंकल, वात्सल, शाम 5 बजे का प्राइम टाइम शो ‘प्रहार’ बनाने वाले दोनों प्रोड्यूसर, पीसीआर से अंकित और कुछ अन्य एंकर शामिल हैं। इस्तीफ़ों का यह सिलसिला अब भी जारी है।
सिर्फ दो महीनों में तीन दर्जन से ज़्यादा लोगों का जाना यह दिखाता है कि चैनल के अंदर हालात कितने खराब हैं। कई कर्मचारी बिना नई नौकरी के घर बैठना पसंद कर रहे हैं, लेकिन चैनल में बने माहौल और आंतरिक राजनीति के कारण वापस नहीं लौटना चाहते।
दावा भले ही एशिया के सबसे बड़े न्यूज़रूम का किया जाता हो, लेकिन हकीकत यह है कि चैनल में जो आता है वह यहाँ के हालात झेलकर भागने की सोचने लगता है।
इसके अलावा चैनल प्रबंधन ने हाल ही में प्रदर्शन से असंतुष्ट होने का हवाला देकर चार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिनमें ब्रॉडकास्ट से सागर समेत विभिन्न विभागों के लोग शामिल हैं।
*एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित*




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